नौ शक्ति नौ उड़ान : तप, त्याग और मेहनत का दम, शक्ति दुबे ऐसे बनीं UPSC AIR 1 टॉपर

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मां ब्रह्मचारिणी और UPSC टॉपर शक्ति दुबे की तस्वीर

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Success Story Shakti Dubey: नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप तप, त्याग, अनुशासन और अटूट संकल्प का प्रतीक माना जाता है. प्रयागराज की रहने वाली IAS शक्ति दुबे की कहानी भी युवाओं को इसी दिशा में प्रेरित करती है.

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Success Story Shakti Dubey: आईएएस शक्ति दुबे का सफर ऐसा रहा है कि UPSC में सीधे रैंक 1 हासिल कर लिया. बेहद साधारण परिवार से आने वाली शक्ति दुबे कैसे बार-बार चुनौतियों को पीछे छोड़कर देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉप करती हैं, आइए उनकी जर्नी में इसे करीब से समझते हैं.

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प्रयागराज से शुरू हुआ सफलता का सफर

शक्ति दुबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई होम टाउन से हुई. उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की और इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इसी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन किया.

परिवार से मिली सिविल सेवा की प्रेरणा

शक्ति के पिता यूपी पुलिस में दरोगा हैं. उन्होंने अपने पिता को ड्यूटी करते और लोगों की मदद करते देखा. धीरे-धीरे उन्हें समझ आया कि सरकारी सेवा सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का जरिया भी है. शक्ति ने एक इंटरव्यू में बताया था कि BHU के हॉस्टल में रहने के दौरान भी उन्होंने महसूस किया कि पुलिस और सरकारी व्यवस्था लोगों को सुरक्षा का एहसास करा सकती है.

IAS शक्ति दुबे पिता के साथ (Image: Instagram)
IAS शक्ति दुबे पिता के साथ (Image: Instagram)

साल 2018 में चुनी UPSC की राह

पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद शक्ति ने UPSC की तैयारी पर ध्यान देना शुरू किया. साल 2018 से उनकी सिविल सेवा की तैयारी का सफर शुरू हुआ. UPSC की परीक्षा में केवल किताबें पढ़ लेना काफी नहीं होता. सिलेबस को समझना, करेंट अफेयर्स पर नजर रखना, बार-बार दोहराना और परीक्षा में अपनी जानकारी सही तरीके से पेश करना भी जरूरी है.

UPSC मेंस पॉलिटिकल साइंस

शक्ति की पढ़ाई का विषय विज्ञान था, लेकिन UPSC मेंस परीक्षा के लिए उन्होंने पॉलिटिकल साइंस एंड इंटरनेशनल रिलेशन (PSIR) को ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर चुना. शक्ति दुबे बताती हैं कि प्रतियोगी परीक्षा में जरूरी नहीं कि उम्मीदवार वही विषय चुने, जिसकी पढ़ाई उसने कॉलेज में की हो. विषय में रुचि, उसे समझने की क्षमता और लंबे समय तक पढ़ने की तैयारी भी मायने रखती है.

IAS Shakti Dubey की मार्कशीट

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असफलताओं के बाद भी नहीं छोड़ी उम्मीद

शक्ति दुबे कहती हैं कि UPSC की तैयारी कोई एक दिन का खेल नहीं है. इसमें कई चरण होते हैं और हर चरण की अपनी चुनौती होती है. उन्हें भी अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए एक से ज्यादा प्रयास करने पड़े. शुरुआती नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से मुंह नहीं मोड़ा.

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5वें प्रयास में हासिल किया देश में पहला स्थान

शक्ति दुबे ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की. इस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 अप्रैल 2025 को घोषित किया गया था. उनका यह नतीजा उन सभी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी प्रेरणा बना, जो सालों से सिविल सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं. कई प्रयासों के बाद देश में पहला स्थान हासिल करना आसान उपलब्धि नहीं है.

शक्ति दुबे की कहानी बताती है कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती, बल्कि इसके लिए लगातार मेहनत, धैर्य और अनुशासन की जरूरत होती है. नवरात्रि में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा हमें भी तप, साधना और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सीख देती है.

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