मां के पैर छुए, नए IAF चीफ आशुतोष दीक्षित का वीडियो वायरल, NDA से शुरू हुआ सफर
आशुतोष दीक्षित (PC-X)
Ashutosh Dixit Air Force: एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख का पद संभाला. मां और सास के पैर छूकर सलाम करने का उनका वीडियो वायरल है. जानें उनकी पढ़ाई, सैन्य करियर और सफलता की कहानी.
Ashutosh Dixit Air Force Success Story: कभी-कभी बड़ी सफलता के बीच किए गए छोटे-छोटे काम भी लोगों का दिल जीत लेते हैं. ऐसा ही कुछ भारतीय वायुसेना के नए प्रमुख एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित के साथ देखने को मिला. 31 अक्टूबर 2026 को उन्होंने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला. इस मौके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वह अपनी मां और सास के पैर छूकर उन्हें सलाम करते नजर आ रहे हैं. उनके इस अंदाज की सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है.
चार दशक की मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बाद आशुतोष दीक्षित ने ये सफलता हासिल की है. आइए जानते हैं उनकी पढ़ाई से लेकर वायुसेना में शीर्ष पद तक पहुंचने का सफर.
सिटी मॉन्टेसरी स्कूल से की स्कूली पढ़ाई
एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) से की. उन्होंने वर्ष 1980 में स्कूली शिक्षा पूरी की. स्कूल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उन्होंने 1976 में CMS के आनंद नगर कैंपस में सातवीं कक्षा में एडमिशन लिया था. इसके बाद 1978 में राजेंद्र नगर कैंपस में पढ़ाई की.
NDA से शुरू हुआ वायुसेना का सफर
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खडकवासला से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया. वह NDA के पूर्व छात्र हैं. इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से उड़ान प्रशिक्षण पूरा किया और 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन प्राप्त किया. यहीं से उनके सैन्य करियर की शुरुआत हुई.
3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
आशुतोष दीक्षित एक अनुभवी फाइटर पायलट हैं. उन्हें क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (QFI) और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट के रूप में भी विशेषज्ञता हासिल है. उनके पास 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर 3,500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है.
उन्होंने मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, जगुआर, किरण, हॉक और स्वदेशी तेजस जैसे विमानों को उड़ाया है. उनके करियर में ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का अनुभव भी शामिल है.
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बांग्लादेश से दिल्ली तक हासिल की उच्च सैन्य शिक्षा
आशुतोष दीक्षित ने अपने सैन्य करियर के दौरान कई फेमस संस्थानों से उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त किया. वह बांग्लादेश के डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली स्थित नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं. इन संस्थानों से प्राप्त प्रशिक्षण ने उन्हें सैन्य रणनीति, नेतृत्व और रक्षा प्रबंधन की समझ विकसित करने में मदद की.
तेजस विमान के विकास में भी निभाई अहम भूमिका
आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना को एडवांस बनाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में खास रोल निभाया है. उन्होंने जगुआर और मिग-27 विमानों के अपग्रेड प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा स्वदेशी लड़ाकू विमान LCA तेजस के शुरुआती और फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस से जुड़ी गतिविधियों में भी उनका योगदान रहा है.
कई बड़े पदों पर कर चुके हैं काम
एयर चीफ मार्शल बनने से पहले आशुतोष दीक्षित ने वायुसेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. वह सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ और चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के पद पर भी काम कर चुके हैं. इसके बाद उन्हें वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ बनाया गया था. अब 31 अक्टूबर 2026 को उन्होंने वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाली है. उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह की जगह ली है.
सेवा के लिए मिल चुके हैं कई बड़े सम्मान
भारतीय वायुसेना में उनके योगदान और सेवाओं के लिए उन्हें कई सैन्य सम्मान मिल चुके हैं. इनमें वायु सेना मेडल (2006), विशिष्ट सेवा मेडल (2011), अति विशिष्ट सेवा मेडल (2023) और परम विशिष्ट सेवा मेडल (2026) शामिल हैं.
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