Bihar Government School: अब शनिवार को बैग नहीं, हुनर जाएगा स्कूल, शुरू हुआ 'No Bag Day'

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पेंटिंग करते हुए स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

Bihar Government School: बिहार के सरकारी स्कूलों में लाखों स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी है. राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने और उनके छिपे हुनर को निखारने के लिए हर शनिवार को 'नो बैग डे' के रूप में मनाने का फैसला किया है. इस दिन बच्चे बिना बैग के स्कूल आएंगे और अभिनय, संगीत, कला जैसी एक्टिविटी में भाग लेंगे.

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Bihar Government School: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों स्टूडेंट्स के लिए एक बेहद अच्छी और राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने और उनके भीतर छिपी हुनर को बाहर निकालने के मकसद से एक अनोखी पहल शुरू की है. अब राज्य के सभी गवर्नमेंट स्कूलों में हर शनिवार को 'नो बैग डे' (No Bag Day) के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन बच्चों को बैग लेकर स्कूल जाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी.

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Bihar Government School: क्या है शनिवार की टाइमिंग?

'नो बैग डे' के दिन बच्चों को पढ़ाई के रूटीन से राहत देने के साथ-साथ समय में भी छूट दी गई है. शनिवार के दिन स्कूल सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 1:00 बजे तक ही रहेगा. इस कम समय सीमा में बच्चे बिना किसी मानसिक तनाव के स्कूल की मजेदार एक्टिविटी में भाग ले सकेंगे.

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शनिवार को पढ़ाई की जगह क्या करेंगे बच्चे?

एजुकेशन डिपार्टमेंट का मानना है कि सिर्फ किताबी ज्ञान ही सब कुछ नहीं होता, बल्कि हर बच्चे के अंदर कोई न कोई विशेष हुनर जरूर छिपा होता है. इसी सोच के साथ शनिवार का दिन पूरी तरह से बच्चों के हुनर, कला और क्रिएटिविटी को समर्पित किया गया है. इस दिन स्कूलों में मुख्य रूप से इन चार तरह की एक्टिविटी आयोजित की जाएंगी:

अभिनय का मंच: जो बच्चे नाटक या एक्टिंग में रुचि रखते हैं, उन्हें अपनी कला दिखाने का मौका मिलेगा. इससे उनकी झिझक दूर होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

संगीत की धुन: संगीत और गायन में रुचि रखने वाले स्टूडेंट्स को अपनी आवाज और वादन कला को बेहतर बनाने का अवसर दिया जाएगा.

कला की दुनिया: पेंटिंग, ड्राइंग और क्राफ्ट वर्क के जरिए बच्चे अपनी कल्पनाओं को कागज पर उतार सकेंगे.

क्रिएटिविटी को पंख: नई सोच और लॉजिकल थिंकिंग को बढ़ावा देने वाले कई तरह के रचनात्मक खेल और एक्टिविटीज कराई जाएंगी.

Bihar Government School: यह बड़ा फैसला क्यों लिया गया?

एजुकेशन डिपार्टमेंट ने इस पहल का मुख्य स्लोगन रखा है - "पढ़ाई के साथ हुनर की उड़ान, यही है शिक्षा की नई पहचान!" विभाग का मानना है कि इस कदम से बच्चों में स्कूल आने की उत्सुकता बढ़ेगी, पढ़ाई का तनाव दूर होगा और उनका सर्वांगीण विकास हो सकेगा. शनिवार का दिन बच्चों के लिए अपनी हॉबी को खुलकर जीने का दिन बनेगा.

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