आईएचएम रांची में युवा टूरिज्म क्लब के अंतर्गत बौद्धिक कार्यशाला एवं प्राचीन विरासत भ्रमण का आयोजन
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 06 Aug 2022 7:56 PM
आईएचएम रांची में आयोजित बौद्धिक कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों के समग्र प्रदर्शन में सुधार, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और संचार को बढ़ाना तथा अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व और टीम निर्माण के लिए आत्म-विकास के कौशल विकसित करने में सहायता करना था.
इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट(आईएचएम) रांची में बी.एससी इन हॉस्पिटैलिटी एंड होटल एडमिनिस्ट्रेशन पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में युवा टूरिज्म क्लब के अंतर्गत छः दिवसीय बौद्धिक कार्यशाला का आयोजन दिनांक 1 अगस्त 2022 से 6 अगस्त 2022 तक हुआ, जिसमें कुल 30 छात्रों ने भाग लिया तथा छठे दिन संस्थान के छात्रों को राजकीय संग्रहालय, होटवार, रांची का झारखंड विरासत दर्शन कराया गया.
यहां छात्रों को पौराणिक स्मारक, बौद्ध प्रतिमा, झारखण्ड राज्य के किले, सरना, संथाल, मुंडा, हो तथा अन्य जनजातियों के जीवन शैली, कला-संस्कृति, खान-पान, आभूषण, हिमाद्री रमानी, पूनम किशोर, विनोद रंजन, रघुनाथ साहू जैसे कलाकारों की खूबसूरत पेंटिंग को दिखाया गया जिससे छात्र राज्य की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं जीवन शैली से सम्बंधित ज्ञान को अर्जित कर सके.
संस्थान में आयोजित बौद्धिक कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य छात्रों के समग्र प्रदर्शन में सुधार, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और संचार को बढ़ाना तथा अन्य क्षेत्रों में नेतृत्व और टीम निर्माण हेतु आत्म-विकास के कौशल विकसित करने में सहायता करना, छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु महत्वपूर्ण जीवन कौशल से लैस करना (जैसा कि डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ द्वारा परिभाषित किया गया है), छात्रों को रचनात्मक, कुशल, आत्मविश्वासी, स्पष्ट विचारों वाला, तनाव मुक्त, हर्षित और ऊर्जावान बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण एवं तकनीकों से लैस करना, रोजगार योग्यता कारक हेतु छात्रों को पारस्परिक संबंध,समय प्रबंधन, टीम कौशल, संचार, नेतृत्व तथा निर्णय लेने जैसे सॉफ्ट स्किल से छात्रों को सशक्त बनाना, छात्रों के मानसिक और शारीरिक कौशल को बढ़ाने के लिए एकाग्रता, ध्यान, समग्र स्वास्थ्य और फिटनेस में अधिक गतिशील, अभिनव और उद्यमशील बनाना, छात्रों के बीच मानवीय मूल्यों, नैतिकता, नैतिक मूल्यों और अखंडता को स्थापित करने से था.
छः दिवसीय “आर्ट ऑफ़ लिविंग” कार्यक्रम के प्रशिक्षक रिया तयाल और विवेक जैन ने छात्रों को फेसबुक, इंस्टाग्राम या किसी सोशल मीडिया ऐप पर छोड़ कर व्यक्तिगत रूप से तीन नए दोस्त बनाने, प्राणायाम एवं भस्त्रिका के 3 चरणों का अभ्यास, ॐ का 3 बार जाप करने, अपना नाम रचनात्मक तरीके से लिखने, अपनी आवश्यकताओं और जिम्मेदारियों की एक सूची बनाने, दयालुता के तीन अनियमित कार्य करने, अपने माता-पिता के लिए कुछ अच्छा करें, उन्हें सुखद आश्चर्यचकित करने, दूसरों की राय के फुटबॉल मत बनो, विपरीत मूल्य पूरक हैं, वर्तमान क्षण अपरिहार्य है, लोगों और स्थितियों को वैसे ही स्वीकार करें जैसे वे हैं, दूसरों की गलतियों के पीछे की मंशा न देखें जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया.
संस्थान के प्राचार्य डॉ. भूपेश कुमार ने बताया बौद्धिक कार्यशाला के जरिए छात्र मानसिक केन्द्रीकरण में वृद्धि, चिंता और अवसाद से छुटकारा, आशावाद के स्तर में बढ़ोतरी, बेहतर भावनात्मक और जीवन जीने की कला से लाभान्वित हुए. साथ ही बताया कि संग्रहालय प्रदर्शन अध्ययन के क्षेत्र, वस्तु, समय अवधि या एक विचार में रुचि को प्रेरित तथा ऐतिहासिक एवं पौराणिक वस्तुओं के विषय में लोगो को शिक्षित भी करता है. आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आईएचएम रांची में निबंध लेखन, फेस पेंटिंग, रंगोली तथा क्विज प्रतियोगिता भी 13 से 15 अगस्त के दौरान आयोजित किए जाएंगे.
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