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Union cabinet decision : मोदी सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर के लिए पीएलआई योजना को दी मंजूरी, 1 अप्रैल से हो जाएगी लागू

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद.
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद.
फोटो : पीटीआई
  • टेलीकॉम सेक्टर के कलपुर्जों के घरेलू उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा

  • अगले 5 साल में 1,95,360 करोड़ रुपये टेलीकॉम उपकरणों का होगा निर्याता

  • टेलीकॉम सेक्टर में 40 हजार नई नौकरियां सृजित होने की उम्मीद

PLI scheme : केंद्र की मोदी सरकार ने टेलीकॉम सेक्टर में कलपुर्जों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना यानी पीएलआई योजना को मंजूरी दे दी गई है. बुधवार को केंद्रीय दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बात की जानकारी दी है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना आगामी 1 अप्रैल 2021 से लागू हो जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही लैपटॉप और आईपैड जैसे आईटी उत्पादों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही एक योजना का ऐलान करेगी.

केंद्रीय मंत्रिमंडल में किए गए फैसलों की जानकारी देते हुए दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि टेलीकॉम सेक्टर में यह स्कीम लागू होने से अगले 5 वर्षों में इस सेक्टर में 2,44,200 करोड़ रुपये का उत्पादन होगा और देश से 1,95,360 करोड़ रुपये का निर्यात हो सकेगा. वहीं, सरकार की इस योजना से टेलीकॉम सेक्टर में 40,000 नई नौकरियां सृजित होंगी और सरकार को 17 हजार करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त होंगे.

सरकार की ओर से मंजूर की गई पीएलआई योजना में मुख्य रूप से ट्रांसमिशन उपकरण, इंटरनेट एक्सेस में काम आनेवाले उपकरण, स्वीच, राउटर, 4जी/5जी उपकरण, अगली पीढ़ी के रेडियो एक्सेस नेटवर्क से संबंधित उपकरण, वायरलेस उपकरण और एक्सेस एंड कस्टमर प्रीमाइसेस (सीपीई) उपकरण शामिल होंगे. इसमें सरकार की न्यूनतम निवेश, बिक्री मानकों को पूरा करने के लिए एमएसएमई को 1 से ज्यादा उत्पाद श्रेणी में निवेश करने की सुविधा होगी.

गौरतलब है कि देश में सालाना आधार पर करीब 50,000 करोड़ रुपये के टेलीकॉम उपकरणों का निर्यात होता है. केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में छोटे और मझोले उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही निर्यात पर होने वाले खर्च को रोक लगाना है.

Posted by : Vishwat Sen

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