Jio IPO GMP में 22% उछाल देख निवेश करने का बना रहे हैं मन, कहीं डूब तो नहीं जाएगा पैसा; समझें क्या है रिस्क?

Updated:
विज्ञापन

JIO IPO GMP कितना चल रहा है? (फोटो: AI)

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Jio IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम 250 रुपये है, जो 22% लिस्टिंग मुनाफे का संकेत देता है। जानें ब्रोकरेज की राय और निवेश के जोखिम।

विज्ञापन

Jio IPO GMP: शेयर बाजार में गिरावट के चलते लोग अब शेयर की बजाय IPO की तरफ दौड़ रहे हैं। जब भी कोई IPO आने वाला होता है, निवेशक उसके GMP में नजर गड़ा लेते हैं। ऐसे में अब जियो प्लेटफॉर्म्स IPO पर सबकी निगाहें हैं। 

विज्ञापन

अब क्योंकि दशहरा के बाद ही 21 अक्टूबर को जियो IPO खुल रहा है तो पैसा लगाना चाहिए या नहीं यह सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है? हम यहां आपको ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के साथ ब्रोकरेज की राय बता रहे हैं, जिसकी मदद से आप इस IPO में निवेश करें या नहीं इस बात का फैसला ले सकते हैं।

जियो अपने शेयर 1,065-1,119 रुपये प्रति शेयर की रेंज में बेचेगा। इसमें लॉट साइज 12 इक्विटी शेयरों का होगा 30,200 करोड़ रुपये का यह इश्यू शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो जाएगा।

जियो प्लेटफॉर्म्स IPO GMP क्या संकेत दे रहा है?

जियो प्लेटफॉर्म्स ने अनौपचारिक बाजार (ग्रे मार्केट) में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है। ताजा जानकारी के अनुसार, कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम 250 रुपये प्रति शेयर चल रहा है। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों को प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर 22% से ज्यादा का लिस्टिंग मुनाफा मिल सकता है। 

जियो IPO: ब्रोकरेज फर्म का क्या कहना है?

जियो प्लेटफॉर्म्स भारत के सबसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में से एक है। ब्रोकरेज फर्म चोला सिक्योरिटीज के अनुसार, क्योंकि वित्त वर्ष 2031 (FY31) तक भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था बढ़कर 125.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है और मुकेश अंबानी का JIO भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का बढ़िया फायदा उठाएगा। 

जियो के पास प्रमोटर सपोर्ट और रिलायंस इकोसिस्टम के भीतर तालमेल से डिस्ट्रीब्यूशन की पहुंच, नए ग्राहक जोड़ने की क्षमता और क्रॉस-सेलिंग के मौके बढ़ते हैं। इस स्टॉक का वैल्यूएशन FY27E की कमाई का 32 गुना है, जो कि इसके सबसे करीबी लिस्टेड प्रतिस्पर्धी की तुलना में 12-15 प्रतिशत कम (डिस्काउंट पर) है।

ब्रोकरेज का मानना ​​है कि AI-आधारित सेवाओं के अवसर इस डिस्काउंट को कम करने में मदद कर सकते हैं।" उन्होंने 'सब्सक्राइब' रेटिंग यानी पैसा लगाने की सलाह दी है।

जियो IPO में पैसा लगाने का रिस्क क्या है?

ICICI डायरेक्ट रिसर्च के अनुसार, मोबाइल ब्रॉडबैंड मार्केट में 49.8% और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड मार्केट में 43.3% हिस्सेदारी के साथ, जियो भारत के डिजिटल कनेक्टिविटी मार्केट में सबसे आगे (मार्केट लीडर) है। रिपोर्ट में लगातार बेहतर होते EBITDA और PAT मार्जिन को कंपनी की मुख्य ताकत बताया गया है। इसमें कहा गया है कि अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी के कारण, जियो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास में हिस्सेदारी रखता है। हालांकि, इस रिपोर्ट में IPO के लिए कोई रेटिंग नहीं दी गई है।

इसके साथ ही, कुछ मुख्य जोखिम भी हैं। जैसे, जियो का इंफ्रास्ट्रक्चर पुराना पड़ सकता है और अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के लिए बहुत अधिक पूंजी की आवश्यकता हो सकती है। सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है, खासकर उन इलाकों में जहां अभी कवरेज कम है। जियो का यूनिफाइड लाइसेंस अक्टूबर 2033 में रिन्यू होना है, जबकि इसका अधिकांश स्पेक्ट्रम 16 वर्षों के भीतर एक्सपायर हो जाएगा। इसके अलावा, कंपनी के सिस्टम और थर्ड-पार्टी वेंडर्स को साइबर सुरक्षा के खतरों का भी सामना करना पड़ सकता है।

यह भी पढ़ें- कंडोम पर कितना GST वसूलती है सरकार? नवरात्रि में क्यों बढ़ती है बिक्री

डिसक्लेमर: यहां IPO पर दी गई सलाह निवेश की सलाह नहीं है। चूंकि शेयर बाजार में निवेश करना जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश से पहले किसी सर्टिफाइड इंवेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह जरूर लें।

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola