ईरान-अमेरिका तनाव से शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 808 अंक तक टूटा, निफ्टी 23850 के नीचे
ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ते ही शेयर बाजार में हाहाकार मच गया. सेंसेक्स 808 अंक तक टूटा और निफ्टी 23,850 के नीचे चला गया. जानें बाजार क्यों गिरा.
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 2 सितंबर को कारोबार शुरू होते ही भारी बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ा. कच्चे तेल की कीमत एक महीने से ज्यादा समय बाद पहली बार 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई. तेल की कीमत में इस तेज उछाल से निवेशकों की चिंता बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार गिरावट देखने को मिली.
सुबह करीब 9:24 बजे सेंसेक्स 760 अंक गिरकर 76,183 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 232 अंक टूटकर 23,823 पर आ गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स 808 अंक तक लुढ़का, जबकि निफ्टी ने 23,850 के अहम स्तर को तोड़ते हुए 23,807 का निचला स्तर छुआ.
शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है. अमेरिकी सेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए. इसके बाद ईरान की ओर से भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर आई.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने जॉर्डन के कैंप टिटिन में अमेरिकी सैन्य बैरक पर हमले का दावा किया. ईरानी सेना ने बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी बलों को निशाना बनाने की बात भी कही.
इस बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर कच्चे तेल की कीमत में तेजी से भारत जैसे तेल आयात करने वाले देश पर दबाव बढ़ने की आशंका बाजार को परेशान कर रही है.
कच्चा तेल 97 डॉलर के करीब कैसे पहुंचा?
वेस्ट एशिया में तनाव बढ़ने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में जोरदार तेजी आई. कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 5.91% तक उछलकर 96.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.
कच्चा तेल महंगा होने का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहता. तेल की कीमत बढ़ने पर कंपनियों की लागत पर दबाव आ सकता है. इसी वजह से निवेशक तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी को बाजार के लिए अहम संकेत मान रहे हैं.
दुनिया के दूसरे बाजारों का क्या हाल रहा?
भारत अकेला ऐसा बाजार नहीं रहा, जहां भारी बिकवाली देखने को मिली. एशियाई बाजारों में भी बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई.
| प्रमुख इंडेक्स | गिरावट |
| जापान निक्केई | 2.90% |
| दक्षिण कोरिया कोस्पी | 3.08% |
| शंघाई कंपोजिट | 1.14% |
| हांगकांग हैंग सेंग | 1.35% |
अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरकर बंद हुए. डाउ जोन्स में 0.8%, S&P 500 में 0.71% और नैस्डैक में 1% की गिरावट रही.
अमेरिका में 10-ईयर ट्रेजरी यील्ड भी बढ़कर 4.79% हो गई, जो सोमवार को 4.75% थी. इसकी वजह से भी निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी.
निवेशकों के लिए अभी क्या मायने रखता है?
मौजूदा गिरावट में बाजार की नजर सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी पर नहीं है. अभी अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमत सबसे अहम संकेत बने हुए हैं.
अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है और तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो इसका असर दुनियाभर के बाजारों के सेंटीमेंट पर पड़ सकता है. फिलहाल निवेशक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान को दोबारा बातचीत की मेज पर लाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. ऐसे में बाजार को तनाव कम होने को लेकर फिलहाल कोई साफ संकेत नहीं मिला है.
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