ट्रेन में सफर करने वालों के लिए नया नियम, रात 11 बजे के बाद नहीं कर पाएंगे मोबाइल चार्ज

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ट्रेन सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। (फोटो-सोशल मीडिया)

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ट्रेन यात्री रात के लिए रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रहेंगे. सुरक्षा को लेकर रेलवे ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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ट्रेन सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर है. रेलवे के मुताबिक रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रहेंगे. इसको लेकर भारतीय रेलवे ने सभी ज़ोनल रेलवे को निर्देश दिए हैं. यह सुरक्षा नियम पहली बार 2014 में लागू किया गया था. रेलवे बोर्ड ने 26 अक्टूबर को यह निर्देश जारी किया और चेतावनी दी कि इस छह घंटे की पाबंदी को लागू करने में कोई ढील नहीं दी जाएगी. यह कदम दक्षिण पूर्व रेलवे में हाल ही में हुई एक घटना के बाद उठाया गया है, जहां मुंबई लोकल ट्रेन में एक यात्री का पावर बैंक चार्ज होते समय फट गया, जिससे पूरे डिब्बे में धुआं भर गया.

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बोर्ड ने रेलवे जोनों को निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि पाबंदी की पूरी अवधि के दौरान सभी डिब्बों में चार्जिंग पॉइंट बंद रहें और इस नियम का पालन न होने पर संबंधित कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया जाए.रेलवे बोर्ड ने क्या-क्या कहा?

26 अक्टूबर को जारी अपने निर्देश में, रेलवे बोर्ड ने ज़ोनल अधिकारियों से कहा है कि वे कर्मचारियों को रात 11 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चार्जिंग सुविधाएं बंद रखने के बारे में निर्देश दें, उन्हें समझाएं और प्रशिक्षित करें.

अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को यह चेक करने के लिए औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया है। उन्हें यह देखना होगा कि क्या चार्जिंग पॉइंट समय पर बंद किए जा रहे हैं या नहीं. बोर्ड ने जोर देकर कहा है कि सुरक्षा उपायों को लागू करने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

इस निर्देश से यह स्पष्ट है कि यह पाबंदी छह घंटे की पूरी अवधि के लिए लागू रहेगी,और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी रेलवे कर्मचारियों की होगी कि इन निर्देशों का पालन किया जाए.

रेलवे ने रात के समय चार्जिंग पर रोक क्यों लगाई है?

ट्रेन में रात के समय चार्जिंग पॉइंट के इस्तेमाल पर यह रोक 19 जून, 2014 से लागू है. यह कदम 'बेंगलुरु-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस' में लगी आग की घटना के बाद, 'कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी' की सिफारिश पर उठाया गया था.

इस नियम का मकसद ट्रेनों में इलेक्ट्रिकल चार्जिंग उपकरणों से जुड़े आग के खतरों को कम करना है, खासकर रात के समय, जब यात्री और रेलवे कर्मचारी सो रहे होते हैं और किसी घटना का तुरंत पता नहीं चल पाता.

रेलवे बोर्ड ने मौजूदा सुरक्षा नियम को फिर से दोहराया

कोई नया प्रतिबंध लगाने के बजाय, हालिया निर्देश में 2014 के पुराने आदेश को ही दोहराया गया है और सभी रेलवे जोन में इसे और सख्ती से लागू करने को कहा गया है. रेलवे बोर्ड ने कर्मचारियों और सुपरवाइजरों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे सुनिश्चित करें कि तय समय के दौरान चार्जिंग पॉइंट बंद रहें. अचानक की जाने वाली चेकिंग से कमियों का पता लगाने और नियमों का पालन बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

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