विनोबा भावे को महात्मा गांधी ने पहला सत्याग्रही माना : प्रो एएन मिश्रा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 17 Oct 2014 11:01 PM
फोटो….फोल्डर….में हैलाइफ रिपोर्टर @ रांचीब्रांबे स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशन द्वारा जय जगत: संस्कृति और शांति का त्योहार नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की अवधारणा विनायक नरहरि, जो पूरी दुनिया में विनोबा भावे के नाम से जानते जाते थे, से जुड़ा हुई है. आज ही के दिन राष्ट्रपिता […]
फोटो….फोल्डर….में हैलाइफ रिपोर्टर @ रांचीब्रांबे स्थित सेंट्रल यूनिवर्सिटी में सेंटर फॉर इंटरनेशनल रिलेशन द्वारा जय जगत: संस्कृति और शांति का त्योहार नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस सांस्कृतिक कार्यक्रम की अवधारणा विनायक नरहरि, जो पूरी दुनिया में विनोबा भावे के नाम से जानते जाते थे, से जुड़ा हुई है. आज ही के दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने विनोबा भावे को पहले सत्याग्रही के रूप में स्वीकार कर व्यक्तिगत सत्याग्रह की शुरुआत की थी. वाइस चांसलर प्रो एएन मिश्रा ने आचार्य विनोबा भावे पर गांधीवादी दर्शन और उसके प्रभाव के संबंध के बारे में बताया. प्रो मिश्रा ने कहा कि गांधी जी का यह स्वप्न था कि ग्रामीण भारत विकास करे. विनोबा भावे ने इसे पूरा किया. कार्यक्रम में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के प्रमुख प्रो एसके समदर्शी ने विनोबा भावे के जीवन दर्शन को प्रस्तुत किया. सेंट्रल यूनिवर्सिटी के भाषा संकाय के पूर्व प्रमुख प्रो बीपी सिन्हा ने गांधी जी के दर्शन का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि गांधी जी के दर्शन का प्रभाव देश ही नहीं विदेशों में भी पड़ा. इस मौके पर रजिस्ट्रार इंचार्ज प्रो एस मेधेकर, एकेडमिक डिन प्रो अरुणभा दत्ता, प्रो डॉ जेएन नायक आदि मौजूद थे.
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