मुशर्रफ 7 फरवरी को अदालत में होंगे पेश

Published at :04 Feb 2014 7:53 PM (IST)
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मुशर्रफ 7 फरवरी को अदालत में होंगे पेश

इस्लामाबाद : पाकिस्तान में साल 2007 में आपातकाल लगाने के लिए घोर राष्ट्रद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ आगामी सात फरवरी को विशेष अदालत के समक्ष पेश होंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. समाचार पत्र ‘डॉन’ की वेबसाइट ने मुशर्रफ के करीबी लोगों के हवाले से […]

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इस्लामाबाद : पाकिस्तान में साल 2007 में आपातकाल लगाने के लिए घोर राष्ट्रद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ आगामी सात फरवरी को विशेष अदालत के समक्ष पेश होंगे। एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है.

समाचार पत्र ‘डॉन’ की वेबसाइट ने मुशर्रफ के करीबी लोगों के हवाले से खबर दी है कि वह शुक्रवार को होने वाली सुनवाई अदालत में पेश होंगे. राष्ट्रद्रोह मामले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत ने बीते शुक्रवार को 70 साल के मुशर्रफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. यह एक जमानती वारंट है और 25 लाख पाकिस्तानी रुपये पर जमानत मिल जाएगी। ऐसे में पूर्व सेना प्रमुख को हिरासत में लिए जाने की संभावना नहीं है. अदालत ने मुशर्रफ को पेश करने का भी आदेश दिया था। उधर, कल पुलिस ने एक सैन्य अस्पताल में मुशर्रफ को गिरफ्तारी वारंट सौंपा.

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार पुलिस ने कल अस्पताल में मुशर्रफ को गिरफ्तारी वारंट सौंपा. इससे पहले पुलिस को अस्पताल के रिसेप्शन पर ढाई घंटे इंतजार करना पड़ा.मौके पर मौजूद मुशर्रफ के वकीलों ने 25 लाख रुपये के मुचलके से जुड़ा विवरण पुलिस को दिया. सूत्रों ने कहा कि मुशर्रफ के अदालत में उपस्थित होने के फैसले के बारे में इस्लामाबाद और रावलपिंडी पुलिस के एक संयुक्त दल को सूचित कर दिया गया है.समाचार पत्र ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने खबर दी है, ‘‘पूर्व राष्ट्रपति ने एक प्रपत्र लिखकर कहा है कि उन्हें नहीं लगता कि विशेष अदालत को उन पर मुकदमा चलाने का अधिकार है. उन्होंने पुलिस को यह प्रपत्र सौंपा.’’ एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया कि बीते नौ महीने के दौरान मुशर्रफ की सुरक्षा पर 10 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. उनकी सुरक्षा में 400 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल तैनात हैं.

साल 2007 में राष्ट्रपति रहते हुए आपातकाल लगाने को लेकर मुशर्रफ के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला चलाया जा रहा है. सरकार ने इसके लिए एक विशेष अदालत का गठन किया है. मामले की सुनवाई आरंभ होने के बाद से मुशर्रफ एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुए. मुशर्रफ को हृदय संबंधी परेशानी के बाद रावलपिंडी के आम्र्ड फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ कॉर्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया था. पाकिस्तान के इतिहास में यह पहली बार है कि एक पूर्व सैन्य शासक के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला चलाया जा रहा है. इस मामले में दोषी करार दिए जाने पर उन्हें उम्रकैद अथवा मौत की सजा हो सकती है.

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