आज होगी ''डब्ल्यूटीओ'' महापरिषद की बैठक, मोदी-ओबामा की पहल रंग ला सकती है
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :26 Nov 2014 9:59 PM (IST)
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नयी दिल्ली: आज जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महापरिषद की महत्वपूर्ण बैठक है. खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भारत व अमेरिका के बीच मतभेद दूर होने के बाद इस बैठक में व्यापार सुगमता करार को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है. डब्ल्यूटीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि हमें इस बैठक […]
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नयी दिल्ली: आज जिनेवा में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महापरिषद की महत्वपूर्ण बैठक है. खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर भारत व अमेरिका के बीच मतभेद दूर होने के बाद इस बैठक में व्यापार सुगमता करार को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है.
डब्ल्यूटीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि हमें इस बैठक से सकारात्मक नतीजे की उम्मीद है. खबरों में कहा गया है कि यह बैठक अर्जेंटीना द्वारा उठायी गयी आपत्ति के बाद अपने निश्चित दिन से एक दिन बाद हो रही है . ऐसे में राजनयिकों ने इस मुद्दे पर आगे बढने से पहले अपने-अपने मंत्रलयों से संपर्क किया है.
बैठक में व्यापार सुगमता समझौता (टीएफए) के कार्यान्वयन की जुलाई, 2015 की समयसीमा को बरकरार रखा जा सकता है. इसके अलावा उम्मीद है कि भारत समेत विकासशील देशों के खाद्य भंडारण मुद्दे का समाधान मिलने तक शांति उपबंध को विस्तार दिए जाने की उम्मीद है.
गौरतलब है कि भारत ने जिनेवा में जुलाई में व्यापार सुगमता समझौते को तब तक अंगीकार करने से इनकार कर दिया था, जब तक उसके खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के लिए खाद्यान्न भंडारण का स्थायी समाधान नहीं मिल जाता.
इसके बाद भारत और अमेरिका ने 13 नवंबर को विश्व व्यापार संगठन में सार्वजनिक भंडारण से जुडे मतभेद सुलझा लिए, जिससे सीमा शुल्क मानदंडों को आसान बनाने के लिए लंबित व्यापार सुगमता समझौता लागू करने का मार्ग प्रशस्त हुआ.समझौते के तहत अमेरिका डब्ल्यूटीओ में भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन करेगा कि स्थायी समाधान मिलने तक शांति उपबंध को जारी रखा जाना चाहिए. भारत के खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम को बिना अड़चन के लागू करने की दृष्टि से यह काफी महत्वपूर्ण है.
इससे भारत अपने खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के तहत खाद्यान्न की खरीद व गरीबों को उसका वितरण जारी रख सकेगा. ऐसे में यदि वह 10 प्रतिशत की सब्सिडी सीमा को पार भी कर जाता है, तो उस पर जुर्माना नहीं लगेगा. बाली समझौते के तहत यह शांति उपबंध 2017 तक रखा गया है.
अमेरिका की अगुवाई में विकसित देशों व भारत सहित अन्य विकासशील देशों के बीच सार्वजनिक भंडारण के मुद्दे पर मतभेद की वजह से जुलाई में जिनेवा में टीएफए का अनुमोदन नहीं हो सका था. भारत खाद्य सुरक्षा कानून का कार्यान्वयन कर रहा है. इसके तहत देश के 82 करोड लोगों को प्रति व्यक्ति एक से तीन रुपये किलो की दर पर मासिक पांच किलोग्राम खाद्यान्न पाने का अधिकार है. इस कानून के कार्यान्वयन के लिए देश को एक साल में 6.2 करोड टन खाद्यान्न की जरुरत है.
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