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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि का बुनियादी स्रोत है भारत : व्हाइट हाउस

Updated at : 04 Feb 2015 12:47 PM (IST)
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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि का बुनियादी स्रोत है भारत : व्हाइट हाउस

वाशिंगटन : राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा अपना सालाना बजट जिसमें एशिया-प्रशांत पुनर्संतुलन पर नए सिरे से जोर दिया गया है, पेश करने के एक दिन बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह भारत को इस क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि का बुनियादी स्रोत मानता है. व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दक्षिण […]

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वाशिंगटन : राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा अपना सालाना बजट जिसमें एशिया-प्रशांत पुनर्संतुलन पर नए सिरे से जोर दिया गया है, पेश करने के एक दिन बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह भारत को इस क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि का बुनियादी स्रोत मानता है.
व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दक्षिण एशिया मामलों के वरिष्ठ निदेशक फिल रेनर ने कहा, अमेरिका द्वारा अपनी पुनर्संतुलन योजना लागू किए जाने के मद्देनजर, कई तरीके से हम भारत को इस क्षेत्र में सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि के बुनियादी स्नेत के तौर पर देख रहे हैं. रेनर ने कहा कि पिछले महीने नई दिल्ली में ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक के दौरान दोनों देश द्विपक्षीय संबंध का खाका बनाने पर सहमत हुए ताकि आने वाले दिनों में इस रणनीतिक विचार पर ठोस नजरिया अपनाया जा सके.
ओबामा की भारत यात्रा को बेहद सफल और पासा पलटने वाला करार दते हुए रेनर ने कहा कि सिर्फ पांच महीनों के भीतर दोनों नेताओं के बीच बैठक के जरिए दोनों देशों ने वस्तुत: नई शुरुआत – नई उर्जा और नई गति की दिशा में कदम बढाया है. अमेरिका और भारत के संबंध का भविष्य अच्छा है और मेरा मानना है कि यह असीम है.
उन्होंने कहा राष्ट्रपति ने शुरु से ही इस द्विपक्षीय रणनीतिक भागीदारी को अपनी सरकार के लिए प्राथमिकता थी. उन्होंने कहा, गणवतंत्र दिवस पर निमंत्रण हमारे द्विपक्षीय संबंध का प्रभावशाली क्षण था. मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा निमंत्रण भेजने पर कई लोग आश्चर्यचकित हो गए थे और राष्ट्रपति इस बारे में उत्साहित थे तथा उन्होंने इसे प्रसन्नता से स्वीकार किया जो इस समारोह के मुख्य अतिथि बनने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति रहे.
रेनर ने कहा, इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा लहर पर सवार होना नहीं बल्कि मौकों पर नजर रखना और हाल में दोनों देशों द्वारा शुरु की गई कोशिश को आगे बढाना था. उन्होंने कहा, अमेरिकी इतिहास में वह पहले राष्ट्रपति थे जिन्हें मुख्य अतिथि बनने का सम्मान मिला और वह पहले राष्ट्रपति रहे जो अपने कार्यकाल में दो बार भारत यात्रा पर गए इसलिए हम इसका उपयोग बाजी पलटने वाले मौके के तौर पर करने के प्रति बेहद उत्साहित हैं. साथ ही व्हाइट हाउस के अधिकारी ने आगाह किया कि पिछले पांच महीने में हुई दो सफल बैठकों के बावजूद संबंध में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं.
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