कश्मीर में खुलेगा आईआईएम का ऑफ़-कैम्पस - प्रेस रिव्यू

Updated at : 10 Aug 2019 2:27 PM (IST)
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कश्मीर में खुलेगा आईआईएम का ऑफ़-कैम्पस - प्रेस रिव्यू

<figure> <img alt="पढ़िए आज के अख़बारों की सुर्ख़ियां." src="https://c.files.bbci.co.uk/9F98/production/_108265804_653b4578-8bc8-4fbd-9419-c61fa6a802b0.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>केंद्र सरकार ने शुक्रवार को श्रीनगर में आईआईएम-जम्मू का एक ऑफ़ कैम्पस बनाने को मंज़ूरी दी. </p><p><a href="http://epaper.indianexpress.com/2279497/Delhi/August-10-2019#page/1/2">इंडियन एक्सप्रेस</a> के मुताबिक इस अस्थाई कैम्पस के लिए 51.8 करोड़ रुपये के फंड को स्वीकृति दी गई है. </p><p>ये कदम अनुच्छेद 370 हटाकर […]

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<figure> <img alt="पढ़िए आज के अख़बारों की सुर्ख़ियां." src="https://c.files.bbci.co.uk/9F98/production/_108265804_653b4578-8bc8-4fbd-9419-c61fa6a802b0.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>केंद्र सरकार ने शुक्रवार को श्रीनगर में आईआईएम-जम्मू का एक ऑफ़ कैम्पस बनाने को मंज़ूरी दी. </p><p><a href="http://epaper.indianexpress.com/2279497/Delhi/August-10-2019#page/1/2">इंडियन एक्सप्रेस</a> के मुताबिक इस अस्थाई कैम्पस के लिए 51.8 करोड़ रुपये के फंड को स्वीकृति दी गई है. </p><p>ये कदम अनुच्छेद 370 हटाकर राज्य का पुनर्गठन करने के कुछ दिन बाद लिया गया है. इससे एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में क्षेत्र में आईआईएम और आईआईटी खोलने का वादा किया था. </p><p>ख़बर की पुष्टि करते हुए आईआईएम-जम्मू के निदेशक बी एस सहाय ने कहा कि संस्था के लिए जगह का चयन भी कर लिया गया है. ये कैम्पस श्रीनगर में एयरपोर्ट रोड पर एक इमारत में होगा. </p><figure> <img alt="पढ़िए आज के अख़बारों की सुर्ख़ियां." src="https://c.files.bbci.co.uk/2A68/production/_108265801_102f59f0-de91-4f61-9d3a-c85722dfc2a5.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>कश्मीर पर नीति में बदलाव नहीं: अमरीका</h1><p>अमरीका ने शुक्रवार को कहा कि कश्मीर पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और उसने भारत-पाकिस्तान से शांति और संयम बरतने की अपील की है.</p><p>विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस से संवाददाताओं ने पूछा कि क्या अमरीका की कश्मीर पर नीति में कोई बदलाव आया है. ये खबर <a href="http://epaper.jansatta.com/2279413/Jansatta/10-august-2019#page/1/2">जनसत्ता</a> अखबार में है.</p><p>अमरीका की नीति रही है कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय मुद्दा है और दोनों देशों को ही इस मुद्दे पर बातचीत की गति और गुंजाइश को लेकर फैसला करना है.</p><p>विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मोर्गन ओर्टागस ने कहा, &quot;अभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (इमरान) खान यहां आए थे लेकिन सिर्फ कश्मीर की वजह से नहीं. यह निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण मुद्दा है और हम इस पर करीबी नज़र रख रहे हैं. हमने कई मुद्दों पर भारत के साथ निकटता से काम किया और हमने पाकिस्तान के साथ भी निकटता से काम किया.&quot; </p><p>कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघनों के पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के आरोपों संबंधी एक सवाल के जवाब में ओर्टागस ने कहा, &quot;हमने जो बात कही, मैं उससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती.&quot; </p><h1>प्रणय और राधिका रॉय को विदेश जाने से रोका गया </h1><p>भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय और उनका पत्नी राधिका रॉय को शुक्रवार को मुंबई हवाई अड्डे पर विदेश जाने से रोक दिया गया. </p><p><a href="http://epaper.indianexpress.com/2279497/Delhi/August-10-2019#page/1/1">इंडियन एक्सप्रेस </a>के मुताबिक सीबीआई की ओर से जारी लुकआउट सर्कुलर के आधार पर ये कार्रवाई की गई. </p><p>एनडीटीवी ने एक बयान में कहा कि इन दोनों को सीबीआई द्वारा दो साल पहले शुरू किए गए भ्रष्टाचार के ‘एक फर्ज़ी और निराधार मामले’ के चलते रोका गया है. </p><p>वहीं सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक से जुड़े कथित धोखाधड़ी से संबंधित मामले में जून में दोनों के खिलाफ एहतियातन निगरानी का नोटिस जारी किया गया था. </p><p>अधिकारियों ने कहा कि दोनों को इसी नोटिस के आधार पर देश छोड़ने से रोका गया. </p><figure> <img alt="’जम्मू-कश्मीर की तरह महाराष्ट्र को भी जबरन बांटा जा सकता है’" src="https://c.files.bbci.co.uk/14F60/production/_108265858_d739bb58-afb1-4c74-be40-1fe8bfd0490a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h1>’महाराष्ट्र को भी बांटा जा सकता है'</h1><p>कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर के हालातों का ज़िक्र करते हुए एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र को भी बल प्रयोग कर बांटा जा सकता है.</p><p><a href="https://www.thehindu.com/news/national/other-states/maharashtra-might-be-divided-forcibly-like-jk-says-raj-thackeray/article28971761.ece?homepage=true">द हिंदू </a>की खबर के मुताबिक इससे कुछ दिन पहले उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाए जाने के कदम का स्वागत किया था और इसे एक &quot;असाधारण निर्णय&quot; बताया था. </p><p>पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, &quot;कश्मीर में सेना और सुरक्षाबल, लोगों के घरों के बाहर तैनात हैं. इंटरनेट, फोन, टीवी सेवा सबकुछ बंद है. आज कश्मीर में ये हो रहा है, कल विदर्भ में हो सकता है. या मुंबई में हो सकता है.&quot; </p><p>&quot;कल हो सकता है, जो लोग बंदूके लेकर खड़े हैं, वो आपके घरों के सामने खड़े हों. महाराष्ट्र को भी जबरन बांटा जाएगा, आपके बारे में सोचे बगैर.&quot;</p><figure> <img alt="पढ़िए आज के अख़बारों की सुर्ख़ियां." src="https://c.files.bbci.co.uk/185AC/production/_108265799_3862c5df-acc8-4102-998d-8ab533300048.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p><strong>अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष </strong><strong>की आपत्ति </strong></p><p>सुप्रीम कोर्ट में एक मुस्लिम पक्ष ने राजनीतिक रूप से संवदेनशील राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की हफ्ते में पांच दिन सुनवाई किए जाने का शुक्रवार को विरोध करते हुए कहा कि अगर इतनी जल्दबाजी में सुनवाई की जाती है तो उसके लिए न्यायालय की सहायता करना संभव नहीं होगा.</p><p>प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने मामले में चौथे दिन शुक्रवार को सुनवाई शुरू की. </p><p><a href="http://paper.hindustantimes.com/epaper/viewer.aspx">हिंदुस्तान टाइम्स </a>के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील राजीव धवन की आपत्ति को खारिज कर दिया और कहा कि मामले में रोज़ाना सुनवाई जारी रहेगी. </p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.</strong><strong>)</strong></p>

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