कॉरोनरी आर्टरी रोग की धीमी मौत से बचाव संभव
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Jan 2020 3:08 AM
सिलीगुड़ी : कॉरोनरी आर्टरी रोग तब होता है जब हृदय को रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करनेवाली रक्त कोशिकाएं रोगग्रस्त या क्षतिग्रस्त हो जाती है. इस रोग के लिए धमनियों में जमा कॉलेस्ट्रोल के प्लेक और सूजन जिम्मेदार होते हैं. अगर आपकी कॉरोनरी धमनियां संकीर्ण हो जाती है तो वे हृदय को पर्याप्त […]
सिलीगुड़ी : कॉरोनरी आर्टरी रोग तब होता है जब हृदय को रक्त, ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति करनेवाली रक्त कोशिकाएं रोगग्रस्त या क्षतिग्रस्त हो जाती है. इस रोग के लिए धमनियों में जमा कॉलेस्ट्रोल के प्लेक और सूजन जिम्मेदार होते हैं. अगर आपकी कॉरोनरी धमनियां संकीर्ण हो जाती है तो वे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजनयुक्त रक्त की आपूर्ति नहीं कर पाती है.
खासतौर पर व्यायाम के दौरान इससे हृदय की धड़कन बढ़ जाती है. शुरु में रक्त के कम प्रवाह से कॉरोनरी आर्टरी रोग के लक्षण दिखायी नहीं पड़ते हैं. जब प्लेक बनने शुरू होते हैं तो इस रोग के लक्षण दिखने लगते हैं. ये लक्षण हैं, सीने में दर्द (एन्जाइना), दम फूलना, हृदयाघात.
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