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कभी भी हो सकता है जलापूर्ति का संकट

Updated at : 30 May 2019 1:52 AM (IST)
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कभी भी हो सकता है जलापूर्ति का संकट

झंकार मोड़ में पाइप लाइन के फटने से हो रही समस्या बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में जलापूर्ति का संकट कभी भी हो सकती है. इसकी वजह है झंकार मोड़ में बर्दमान रोड पर मुख्य पाइप लाइन का बार-बार फटना. बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस […]

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झंकार मोड़ में पाइप लाइन के फटने से हो रही समस्या

बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस
सिलीगुड़ी : सिलीगुड़ी नगर निगम इलाके में जलापूर्ति का संकट कभी भी हो सकती है. इसकी वजह है झंकार मोड़ में बर्दमान रोड पर मुख्य पाइप लाइन का बार-बार फटना. बार-बार मरम्मत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुयी है. आरोप है कि बीते एक-दो महीने से बर्दमान रोड के राष्ट्रीय राजमार्ग के झंकार मोड़ पर ओवर ब्रीज का काम शुरु हुआ है. फिलहाल ओवर ब्रीज के लिए पिल्लर का काम हो रहा है.
इस वजह से ही पाइप फट गया था जिससे पानी का रिसाव शुरु हो गया. कयी बार पाइप लाइन मरम्मत भी किया गया, लेकिन एक-दो दिन बाद वापस उसी जगह से पानी बहना शुरु हो जाता है. स्थानीय निवासी सह समाजसेवी मनोज सिंह का कहना है झंकार मोड़ स्थित रिजार्वर में बर्दमान रोड के बायी ओर के पाइप लाइन से रथखोला व अन्य कयी रिजर्वर में जो पानी आता है, वह फूलबाड़ी से आ रही पीने योग्य जल की मुख्य पाइप लाइन है. वहीं पाइप लाइन झंकार मोड़ में एक ही जगह बार-बार खराब हो रहा है.
कई बार मरम्मत भी किया गया. लेकिन कुछ लाभ नहीं हुआ. तीन दिन पहले रविवार को उसी जगह पर सड़क तोड़कर पाइप लाइन को मरम्मत किया गया. इससे पहले भी तकरीबन 10 दिन पहले 19 मई रविवार को उसी जगह पर पाइप लाइन का मरम्मत किया गया. लेकिन मरम्मत करने के बावजूद एक ही जगह पर बार-बार पाइप फट जा रही है व काफी मात्रा में पानी बरबाद हो रहा है.
इसके वजह से हाईवे की सड़क छोटा तालाब का रूप धारण किये हुए है. इस वजह से आस-पास के दुकानों में भी पानी घूसने से दुकानदार व ग्राहक सभी परेशान हो रहे हैं. वहीं, चलते वाहनों के वजह से भी पानी छिटकर दुकान व राह चलते लोगों पर गिरने से और अधिक समस्या खड़ी हो रही है.
पीएचई विभागीय सूत्रों की माने तो झंकाड़ मोड़ पर एक ही जगह कयी बार पाइप लाइन मरम्मत का काम किया गया. मरम्मत करने के बाद तकरीबन 8 से 10 घंटे तक उस पाइप लाइन से न तो जलापूर्ति करना जरूरी है और न ही उसी जगह पर वाहन चलाना. लेकिन इन बातों को दरकिनार कर मरम्मत करने के तीन-चार घंटे बाद ही जलापूर्ति शुरु कर दिया जा रहा है व साथ में वाहनों का भी आवागमन शुरु कर दिया जा रहा है.
जिसकी वजह से पाइप पर वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण मरम्मत करने के बावजुद भी जलापूर्ति सब समय समान्य नहीं हो पा रहा है. इस बाबत पीएचई के कोई भी अधिकारी मीडिया के सामने टिप्पणी करने से बचते रहे. दूसरी ओर बुधवार शाम को कई वार्डों में जलापूर्ति सेवा बंद रही. इस वजह से लोगों को पीने योग्य पानी के लिए दूसरे-दूसरे वार्डों का सहारा लेना पड़ा.
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