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Red Alert Constituency: दागी उम्मीदवार उतारने में भाजपा पर भारी तृणमूल कांग्रेस

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
बंगाल चुनाव 2021 में दागी उम्मीदवार उतारने की मची होड़
बंगाल चुनाव 2021 में दागी उम्मीदवार उतारने की मची होड़
प्रभात खबर ग्राफिक्स

कोलकाता : बंगाल चुनाव 2021 में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ‘करो या मरो’ की स्थिति में है, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ की तर्ज पर चुनाव लड़ रही है. दोनों दलों ने चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. एक-दूसरे को अपराधी कहने वाले इन दलों ने दिल खोलकर आपराधिक छवि के लोगों को टिकट बांटे हैं.

तृणमूल कांग्रेस इस मामले में भाजपा से एक कदम आगे निकल गयी है. जी हां. सिर्फ रेड अलर्ट विधानसभा सीटों की बात करें, तो अधिकतर सीटों पर दोनों ही दलों के उम्मीदवारों की छवि दागदार है. यानी उनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं. यह जानकारी चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने खुद अपने हलफनामा में चुनाव आयोग को दिया है.

चुनाव आयोग ने इस बार जिन 12 विधानसभा सीटों (रायगंज, भाटपाड़ा, आमडांगा, जगदल, बीजपुर, कालीगंज, बैरकपुर, पूर्वस्थली दक्षिण, अशोकनगर, खड़दह, चोपरा एवं तेहट्टा) को रेड अलर्ट विधानसभा घोषित किया है, उनमें से अधिकतर सीटों पर इन दोनों दलों के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.

सिर्फ एक विधानसभा सीट ऐसी है, जहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है. बैरकपुर से ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने बांग्ला फिल्म के निर्देशक राज चक्रवर्ती को अपना उम्मीदवार बनाया है. राज के खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं है.

इसी तरह भाजपा ने उत्तर दिनाजपुर जिला के रायगंज और नदिया जिला के कालीगंज में जिसे अपना उम्मीदवार बनाया है, उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रायगंज विधानसभा सीट पर भाजपा ने सुपेन राय को उतारा है और कालीगंज में अभिजीत घोष को.

संयुक्त मोर्चा ने भी 12 रेड अलर्ट विधानसभा सीट पर 10 ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं, जिनके खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं. उत्तर 24 परगना जिला के आमडांगा एवं जगदल में तीसरा मोर्चा यानी संयुक्त मोर्चा (कांग्रेस-लेफ्ट-आइएसएफ) गठबंधन के उम्मीदवारों पर कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं है.

उल्लेखनीय है कि छठे चरण में चुनाव लड़ रहे कुल 306 उम्मीदवारों में 87 ऐसे हैं, जिन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं. इनमें से 71 ने खुद कहा है कि वे गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी हैं.

किसे कहते हैं रेड अलर्ट विधानसभा?

चुनाव आयोग उन विधानसभा क्षेत्रों को रेड अलर्ट विधानसभा सीट घोषित करती है, जहां कम से कम तीन ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे होते हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक या गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हों. छठे चरण में 43 में से 12 सीटों को रेड अलर्ट विधानसभा सीट घोषित किया गया है.

Posted By : Mithilesh Jha

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Published Date

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