कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी राजनीतिक दलों के अध्यक्ष की बैठक में तृणमूल अध्यक्ष तथा राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी शामिल नहीं होंगी. मंगलवार को मुख्यमंत्री ने इस संबंध में संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र लिखकर सूचित किया है कि वह उक्त बैठक में शामिल नहीं हो सकती.
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि उन्होंने बैठक के एजेंडे पर गौर किया है और यह पाया है कि ‘एक देश एक चुनाव’ जैसे संवेदनशील विषय पर इतने कम समय में न्याय नहीं किया जा सकता. इस विषय पर जल्दीबाजी करने की बजाय संवैधानिक विशेषज्ञों के अलावा पार्टी के सदस्यों से भी सलाह की जानी चाहिए.
वह अनुरोध करती हैं कि इस संबंध में सभी राजनीतिक दलों को एक श्वेत पत्र जारी किया जाए. इस संबंध में उनसे उनकी राय पूछी जाए. इसके लिए पर्याप्त वक्त दिया जाये. तब वह इस बाबत ठोस सलाह देने की स्थिति में होंगे. जहां तक ऐस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स के विकास की बात है.
उन्होंने (तृणमूल ने) गत 15 जून को नीति आयोग की बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि वह कुछ जिलों को बतौर ऐस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट चुनने के पक्ष में नहीं हैं क्योंकि यह विकास के संतुलित माहौल में बाधित होगा. उनका राज्य (बंगाल) सभी जिलों में समान आर्थिक व सामाजिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है.
संसद के कामकाज के विकास के संबंध में संसदीय मंत्रालय सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से इस संबंध में सलाह कर सकता है और इस बाबत जो भी फैसला लिया जायेगा उन्हें वह मंजूर होगा. उल्लेखनीय है कि इससे पहले ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह तथा नीति आयोग की बैठक में भी शामिल नहीं हुई थी.