बनेगी टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी : डॉ दत्तात्रेय

Updated at : 01 Oct 2018 2:48 AM (IST)
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बनेगी टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी : डॉ दत्तात्रेय

कोलकाता : एडुकेशन प्रमोशन सोसाइटी फॉर इंडिया (ईपीएसआई) व अपाई की ओर से कोलकाता की एचएचआइ में आयोजित एक कार्यक्रम में एआइसीटीइ के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनिल दत्तात्रेय ने कहा कि देश के इंजीनियरिंग संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए न केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है बल्कि विशेष टीचर्स ट्रेनिंग पर […]

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कोलकाता : एडुकेशन प्रमोशन सोसाइटी फॉर इंडिया (ईपीएसआई) व अपाई की ओर से कोलकाता की एचएचआइ में आयोजित एक कार्यक्रम में एआइसीटीइ के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनिल दत्तात्रेय ने कहा कि देश के इंजीनियरिंग संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए न केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है बल्कि विशेष टीचर्स ट्रेनिंग पर भी फोकस किया जा रहा है. इसके लिए फिलहाल 4 टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी खोली जा रही हैं. इसमें संस्थानों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को इनोवेटिव आइडिया के साथ छात्रों को दक्ष बनाने का प्रशिक्षण दिया जायेगा.
‘उच्च शिक्षा: गुणवत्ता का आश्वासन, मान्यता एवं रैंकिंग’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अनिल दत्तात्रेय सहस्रबुद्धे ने कहा कि संस्थानों की फैकल्टी को पांच महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही संस्थानों का नियमित मूल्यांकन करने की प्रणाली शुरू की गयी है. जो तकनीकी संस्थान इस क्राइटेरिया पर खरे उतरेंगे, उनको 6 साल का एक्रीटिएशन दिया जायेगा. एआइसीटीइ यूजी व पीजी स्तर पर मॉडल पाठ्यक्रम बनाये जाने की व्यवस्था कर रही है.
कई विश्वविद्यालयों में इसको इसी सत्र से शुरू किया जायेगा. इंजीनियरिंग पढ़ाने के लिए शिक्षकों के अलावा उद्योग जगत के विशेषज्ञों को भी जोड़ने की योजना है. सेमिनार में एक पैनल चर्चा का भी आयोजन किया गया. सम्मेलन में ईपीएसआई के उपाध्यक्ष व जेआईएस फाउंडेशन, कोलकाता के प्रबंध निदेशक एस. तरनजीत सिंह ने जानकारी दी कि निजी इंजीनियरिंग संस्थानों में क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस किया जा रहा है. उनका कॉलेज एआइसीटीइ के नियमानुसार सही मापदंड पर काम कर रहा है.
इस सम्मेलन से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी जागरूकता आयेगी. ईपीएसआई अपने हितधारकों के लिए एक इंटरफ्रेंस मंच स्थापित करने के लिए सक्रिय है, जिससे संबंधित लोगों को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेंचमार्क मानकों को प्राप्त करने की नीति से अवगत कराया जा सके. सम्मेलन में गुणवत्तापरक उच्च शिक्षा, अनुसंधान पत्रों के शोध और प्रकाशन की गुणवत्ता में सुधार करने के उपायों पर भी चर्चा की गयी.
सम्मेलन में डॉ एच चतुर्वेदी (वैकल्पिक अध्यक्ष, ईपीएसआई, निदेशक, बिम्सटेक, ग्रेटर नोएडा) सत्यम रॉय चौधरी (प्रबंध निदेशक, टेक्नो इंडिया ग्रुप, कोलकाता), प्रोफेसर सैकत मित्रा (कुलपति, मौलाना अबुल कलाम आजाद विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी, कोलकाता), डॉ. आरपी सिंह (महासचिव, भारत की गुणवत्ता परिषद, नई दिल्ली), डॉ भीमाराय मेट्री (निदेशक, भारतीय प्रबंधन संस्थान, तिरुचिरापल्ली), प्रो. शांतनु रॉय (सलाहकार, टेक्नो इंडिया ग्रुप एंड डायरेक्टर, सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी, कोलकाता), डॉ. पीएन रजदान, (उपकुलपति, डॉ. डीवाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे) एवं प्रोफेसर अशोक रंजन ठाकुर (उपकुलपति, सिस्टर निवेदिता विश्वविद्यालय, कोलकाता) सहित कई विद्वान उपस्थित रहे.
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