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कोविड -19 से कोलकाता नगर निगम की आय घटी : अतिन घोष

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
कोलकाता नगर निगम प्रशासक बोर्ड के सदस्य अतिन घोष.
कोलकाता नगर निगम प्रशासक बोर्ड के सदस्य अतिन घोष.

कोलकाता : कोविड-19 (Covid-19) की वजह से देश भर की आर्थिक व्यवस्था कमजोर हुई है. राज्य सरकार की भी आय घटी है. इसी बीच महामारी के कारण कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation) के आय पर भी ग्रहण लग गया है. पिछले ढाई महीनों से देश में जारी लॉकडाउन के दौरान निगम के राजस्व में भारी घाटा हुआ है.

जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019-2020 के मई महीने तक निगम ने 227 करोड़ रुपये का आय किया था. वहीं, इस वर्ष मई महीने तक निगम के खाते में केवल 39 करोड़ रुपये आये हैं. इस परिस्थिति को देखते हुए बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर के सदस्यों के बीच चिंता बढ़ गयी है.

गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में निगम के पूर्व डिप्टी मेयर व वर्तमान में प्रशासक बोर्ड के सदस्य अतिन घोष ने इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. लॉकडाउन के कारण पिछले कुछ महीनों से लोग अपने कर का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अब कर के भुगतान के लिए सभी साधन खोल दिये गये हैं. ऐसे में बकाया कर रखने वाले लोगों से आग्रह है कि जो अपने कर का भुगतान करने में सक्षम हैं, वे ऑनलाइन कर का भुगतान कर दें. उल्लेखनीय है कि बकाया कर भुगतान के लिए निगम में 24 सेंटर है. फिलहाल 20 सेंटर को खोल दिया गया है, जबकि अन्य चार सेंटर जल्द ही खोले जाने पर विचार किया जा रहा है.

कोरोना के मामले में बंगाल का रिकवरी रेट बेहतर : फिरहाद

देश के दूसरे राज्यों की तुलना में बंगाल कोरोना संक्रमण के रिकवरी रेट काफी बेहतर है. पश्चिम बंगाल में लगभग 48 फीसदी रिकवरी रेट है. कोलकाता में पहले से स्थितियां बेहतर हुई है. राजा बाजार, बेलगछिया जैसे इलाके ग्रीन जोन में बदले हैं, तो बस्ती इलाकों में संक्रमण के मामले काफी कम हुए हैं. गुरुवार को निगम के रिव्यू मीटिंग के बाद प्रशासक फिरहाद हकीम ने यह बातें कहीं.

श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से प्रवासी मजदूरों के घर वापसी पर फिरहाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल विशेष प्लानिंग के तहत कोरोना वायरस पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में बिना किसी योजना के अचानक प्रवासी मजदूरों के आगमन से संक्रमण बढ़ने का खतरा है. राज्य सरकार यह चाहती है कि उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था कर लेने के बाद ही उन्हें वापस लाया जाये. इसमें विपक्षी नेताओं को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

Posted By : Samir ranjan.

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