जिला प्रशासन ने सभी स्तर पर जारी की सतर्कता

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आपदा. बािरश के कहर के बाद डीवीसी के पानी छोड़ने से नदी, नाले उफनाये, बर्दवान में बाढ़ का खतरा 7000 लोग हुए प्रभावित, 258 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त दुर्गापुर : डीवीसी जलाशय से पानी छोड़े जाने की मात्रा में लगातार इजाफे से बर्दवान में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पहले […]

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आपदा. बािरश के कहर के बाद डीवीसी के पानी छोड़ने से नदी, नाले उफनाये, बर्दवान में बाढ़ का खतरा
7000 लोग हुए प्रभावित, 258 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त
दुर्गापुर : डीवीसी जलाशय से पानी छोड़े जाने की मात्रा में लगातार इजाफे से बर्दवान में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने पहले से ही सभी स्तर पर सतर्कता जारी कर दी है.
सोमवार की संध्या डीवीसी जलाशय से एक लाख 13 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. बारिश के पानी से बर्दवान, कालना, मंगलकोट, कटवा एक व दो तथा रायना एक ब्लॉक के कई इलाके जलप्लावित हो गए हैं. बीते दो दिनों के अंदर जिला के 258 कच्चे मकान पूरी तरह से धाराशायी एवं 1108 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. बर्दवान शहर के 1, 2, 3, 4, 5, 13 एवं 30 नंबर वार्ड में कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई हैं. बहुत से घरों में पानी घुस गया है. नगरपालिका ने जिला प्रशासन के पास जो रिपोर्ट भेजी है, उसके अनुसार 7000 लोग प्रभावित हुये हैं. केतुग्राम दो ब्लॉक में 40 हेक्टर ज़मीन पर लगी फसल नुकसान के कगार पर पहुंच गई है.
रायना व जमालपुर में कई जगहों पर दामोदर नदी का पानी भर गया है, इससे इलाकावासियों पर मुसीबत छा गई है. कालना शहर के विभिन्न इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिसके कारण वहां के लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. शहर के पांच व 10 नंबर वार्ड के कई इलाके जलप्लावित हो गये हैं. कालना स्टेशन पर भी जलजमाव होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. जीआरपी कार्यालय, कम्प्यूटर रूम और टिकट काउंटर में भी पानी घुस गया था. समुद्रगढ के समीप रेल लाइन पर धंसान हो गई. हालांकि तुरंत वहां भराई कर मरम्मत कार्य पूरा कर िलया गया. बैद्यपुरा-अमलापुकुर रोड, कामारशाला रोड, बरईपाड़ा, कैराबागान गैस गोदाम रोड सहित कई सड़कों पर पानी भर गया था. पूर्वस्थली एक ब्लॉक के कई घर एवं खेत नष्ट हो गये.
ब्लॉक से 600 तिरपाल मुहैया कराये गये. इधर बर्दवान शहर के विभिन्न इलाकों के जलमग्न होने से घरों में पानी घुस गया. नालों के भर जाने से उसका गंदा पानी और कचरा घरों में घुस गया. इस कारण नारकीय स्थिति उत्पन्न हो गई. शहर के वाहिर सर्वमंगला पाड़ा, सुभाषपल्ली, लखीपुर माठ, मेहंदीबागान, बुडीरबागान, पार्काश रोड, बादामतला, मणिमाठ, तिनकोनिया, बाबूरबाग, झापानतला सहित विभिन्न जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. बर्दवान शहर में नौ कच्चे मकान पूरी तरह एवं 52 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं. प्रशानिक स्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया गया है. गंगा और दामोदर का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ विभिन्न जगहों पर तटबंध टूटने लगे हैं. बीते दिन पूर्वस्थली दो ब्लॉक के देवनगर प्राथमिक विद्यालय का शौचालय गंगा के पानी में डूब गया और स्कूल भी जब-तब पानी में डूब सकता है. इस कारण स्कूल प्रबंधन कमिटी आतंकित है.
वार्डों में कम हुआ पानी, घर लौटे लोग
दुर्गापुर. दुर्गापुर के विभिन्न वार्डों में बािरश ने स्थिति नारकीय कर दी है. बािरश थमने के बाद जगह-जगह पानी का स्तर तो कम हो रहा है लेकिन इलाकों में कचरा फैल गया है. मेनगेट, कोर्ट मोड़, मूचीपाड़ा, तामला, रामकृष्णपल्ली, कादारोड इत्यादि इलाको की हालत दयनीय हो गई है. मंगलवार की सुबह जल स्तर सामान्य होने के पश्चात पांच नंबर बोरो चेयरमैन के नेतृत्व में साफ-सफाई शुरू की गई. घरों में बारिश का पानी घुसने के कारण लोगों ने स्कूलों एवं प्रशासन द्वारा लगाये कैंपों में शरण ली है. स्थिति सामान्य होने पर सभी अपने-अपने घर लौट गये.
पांच नंबर बोरो चेयरमैन धर्मेन्द्र यादव ने बताया कि सभी लोग अपने घर जा चुके हैं. चिंता की कोई बात नहीं है. बुधवार से इलाके में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव िकया जायेगा.
वार्ड 13 के पार्षद ने बताया कि बीमारी न फैले इसके िलये स्प्रे का छिड़काव िकया जायेगा. वार्ड 14 के वार्ड सचिव राजू सिंह ने बताया कि इलाके में डीडीटी का छिड़काव होगा. जिनके घर क्षतिग्रस्त हुये हैं, उनके िलये पार्षद राखी तिवारी के नेतृत्व में डेपुटी मेयर अमतिाभ बनर्जी से आवेदन िकया जायेगा. इसके पश्चात महकमा प्रशासन एवं नगर निगम के सहयोग से व्यवस्था की जायेगी.
कोज वे से हटाया गया मलबा
बांकुड़ा. गंधेश्वरी नदी पर बने कोज वे से मलबा हटाने का काम प्रशासन ने जोर-शोर से शुरू कर िदया है. जेसीबी के जरिये मलबा हटाया गया. भारी बारिश के कारण गंधेश्वरी नदी उफनाने लगी थी. सतीघाट पर बने कोज वे के कारण मलबे का ढेर लग गया. इस कारण नदी की प्रवाह िदशा बदल गई थी. िनकटतम गांवों, कस्बों के लोगों को इससे भारी नुकसान पहुंचा.
शहर से सटा केशियाकोल एवं मिथिला इलाका भी जलमग्न हो गया था. प्रशासन की उदासीनता के चलते अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को स्थानीय िनवािसयों के रोष का सामना करना पड़ा. स्थानीय बाशिंदों ने बताया िक अगर कोज वे पर जमे मलबे को साफ करने का काम पहले ही हो जाता तो यह दुर्दशा नहीं होती. गंधेश्वरी नदीं बचाओ कमेटी के सचिव गंगा गोस्वामी ने कहा िक लंबे समय से गंधेश्वरी नदी को साफ-सुथरा रखने एवं नदी के मुहानों को दखलखोरों से बचाने के िलये आंदोलन िकया जा रहा है किन्तु प्रशासन की उदासीनता के चलते ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हुई है. सभाधिपति अरुप चक्रवर्ती ने कहा कि मलवा हटा दिया गया है और जो टूट गया है उसकी मरम्मत के लिये इंजीनियर भेजा गया है. बहुत जल्द इसकी मरम्मत करा दी जायेगी.
पार्क में घुसा दामोदर का पानी
अंडाल. अंडाल प्रखंड के दामोदर नदी के किनारे कूटीडांगा गांव के पास बन रहा इको पार्क का िनर्माण कार्य धीमा हो गया है. बारिश के कारण दामोदर का जलस्तर बढ़ने से पार्क का अधिकांश हिस्सा डूब गया है. सेड िनर्माण का कार्य प्रभावित हुआ है. अंडाल बीडीओ मानष कुमार पांडा ने कहा कि दामोदर का पानी पार्क में प्रवेश कर गया है. इस कारण पार्क को और पीछे करने पर िवचार िकया जा रहा है. बैठक कर निर्णय िलया जायेगा.
जलस्तर घटने से ग्रामीणों को राहत
अंडाल. अंडाल प्रखंड के श्रीरामपुर, कुटीडांगा एवं रामप्रसादपुर गांव में पानी का स्तर घटने लगा है. लोगबाग अब घरों से बाहर िनकल पा रहे हैं. श्रीरामपुर से गोपालमाठ जानेवाली सड़क अभी भी सिधारण नदी के पानी में डूबा है. लोग उधर नहीं जा पा रहे हैं. िजससे उनलोगों को काफी िदक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
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