अयोध्या में राममंदिर भाजपा का चुनावी मुद्दा नहीं

Updated at : 11 Nov 2018 5:15 AM (IST)
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अयोध्या में राममंदिर भाजपा का चुनावी मुद्दा नहीं

आसनसोल : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण भाजपा का कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा. यह करोड़ों लोगों की आश्था से जुड़ा मुद्दा है. शहर के स्थानीय होटल में शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के बढ़ते जनाधार के […]

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आसनसोल : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज हुसैन ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण भाजपा का कभी चुनावी मुद्दा नहीं रहा. यह करोड़ों लोगों की आश्था से जुड़ा मुद्दा है. शहर के स्थानीय होटल में शनिवार को मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के बढ़ते जनाधार के कारण ही पार्टी कर्मियों पर तृणमूल के हमले भी तेजी से बढ़े हैं.
श्री हुसैन ने कहा कि भाजपा के वरीय नेताओं को कार्यक्रमों, सभाओं की अनुमति नहीं दी जा रही है. बेकसूर भाजपा कर्मियों पर गैर जमानती धाराओं के तहत मामले दर्ज हो रहे हैँ और धमकियां दी जा रही हैँ. उन्होंने कहा कि 15 नवंबर को आसनसोल संसदीय क्षेत्र के उखड़ा में इसीएल मैदान में होनेवाली जनसभा में मुकल रॉय, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष तथा सांसद बाबुल सुप्रिय उपस्थित रहेंगे.
परंतु पुलिस प्रशासन इसकी अनुमति देने को तैयार नहीं है. इसके बावजूद इस जनसभा का आयोजन किया जायेगा. पांच दिसंबर को तारापीठ में, सात दिसंबर को कूचबिहार से, नौ दिसंबर को गंगासार से तीन विशाल यात्राएं निकाल कर हर विधानसभा एवं संसदीय क्षेत्र में चुनाव का बिगुल फूंका जायेगा.
बंगाल में कानून व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए संवैधानिक कानून के स्थान पर सिर्फ ममता दीदी के कानून के चलने की बात उन्होंने कही. उन्होंने कहा कि बंगाल में तृणमूल कार्यकर्ता संविधान का माखौल उड़ा रहे हैँ और तृणमूल के बनाये कानून का ही पुलिस प्रशासन अनुसरण कर रहा है.
भाजपा, राष्ट्रवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लेने वालों की जगह जेल में होती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बंगाल में बड़े-बड़े जेल बनाने की तैयारी कर लें क्योंकि वर्ष 2019 में होनेवाले संसदीय चुनावों में सारे जेलों में जगह कम पड़ जायेगी.
उन्होंने बंगाल की मौजूदा स्थिति में केवल भाजपा को ही एकमात्र विकल्प बताया. उन्होंने कहा कि देश में कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट केंद्र में मिले हुए थे. जिसका मौका बंगाल में टीएमसी को मिला और वह सत्ता पर काबिज हुई. कम्युनिस्ट पार्टी, तृणमूल और कांग्रेस के नेता एक हो गये हैँ. दिल्ली में तीनों दलों के नेता एक साथ मिलते और बैठते हैं और बंगाल में सिर्फ दिखावे के लिए अलग-अलग डफली बजाते हैँ.
उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल थीं. इमर्जेंसी के दौरान इंदिरा गांधी के दमन के सामने जब भाजपा नहीं झुकी तो ममता बनर्जी के जूल्म भाजपा को क्या झुका पायेगी? नोटबंदी के निर्णय को देशहित में सफल बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ काला धन रखने वालों को फजीहत हुई. करदाताओं की संख्या में पहले से 58 प्रतिशत राजस्व में वृद्धि हुई है और देश का खजाना भरा है.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर भाजपा का चुनावी मुद्दा कभी नहीं था.
राम मंदिर को उन्होंने देश के करोड़ों हिंदूओं की आस्था से जुड़ा मुद्दा बताया. केंद्र में भाजपा के शासन में शिल्पांचल के हिंदूस्तान केबल्स और बर्न स्टैंडर्ड कारखाने के बंद होने के लिए उन्होंने पिछले सरकार की गलत नीतियों को जिम्मेवार बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान संगत मार्ग का अनुसरण करती है और हमेशा विकास के एजेंडे पर काम करती है.
जिलाध्यक्ष लखन घुरूई, जिला उपाध्यक्ष प्रशांत चक्रवर्ती, संतोष कुमार वर्मा, शंभुनाथ गुप्ता, मंडल अध्यक्ष मदन मोहन चौबे, महासचिव सुदीप चौधरी, शंकर चौधरी, आलोक सिंह, उत्पल कोनार,कुंदन ठाकुर आदि उपस्थित थे.
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