सिलीगुड़ीः अब रूक सकता है टोटो का तांडव

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 21 Jan 2017 7:40 AM

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सिलीगुड़ी. सवारी गाड़ी सिटी ऑटो के तरह ही अब इ-रिक्शा ‘टोटो’ पर भी कानूनी दांव पेंच लगनेवाली है. मालिकों को अपने टोटो का रजिस्ट्रेशन कराना होगा. टोटो का रूट निर्धारित कराना होगा. साथ ही चालको को लाइसेंस भी लेना होगा. इसके लिए प्रशासन ने कमर कसनी भी शुरू कर दी है. अभी हाल ही में […]

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सिलीगुड़ी. सवारी गाड़ी सिटी ऑटो के तरह ही अब इ-रिक्शा ‘टोटो’ पर भी कानूनी दांव पेंच लगनेवाली है. मालिकों को अपने टोटो का रजिस्ट्रेशन कराना होगा. टोटो का रूट निर्धारित कराना होगा. साथ ही चालको को लाइसेंस भी लेना होगा. इसके लिए प्रशासन ने कमर कसनी भी शुरू कर दी है. अभी हाल ही में इसे लेकर सिलीगुड़ी महकमा शासक (एसडीओ) हरिशंकर पणिक्कर ने दार्जिलिंग जिला के आंचलिक परिवहन दफ्तर के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी की थी.

इस मीटिंग में परिवहन बोर्ड सदस्य वाइचुंग भुटिया के साथ ही परिवहन दफ्तर के अधिकारी राजन सुंदास, सिलीगुड़ी नगर निगम के कमिश्नर सोनम वांग्दी भुटिया के अलावा अन्य आलाधिकारी भी मौजूद थे.फरवरी महीने से टोटो पर सरकारी नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.एसडीओ हरिशंकर पणिक्कर का कहना है कि टोटो चालकों की मनमानी और धांधली अब नहीं चलेगी. यहां उल्लेखनीय है कि गैर-कानूनी तरीके से केवल सिलीगुड़ी ही नहीं, बल्कि पूरे महकमा क्षेत्र में टोटो का परिचालन हो रहा है. जहां-तहां अवैध तरीके से टोटो स्टैंड बना दिये गये है. रूट भी निर्धारित नहीं है. मनमर्जी से किसी भी रूट पर टोटो चलाने और अवैध स्टैंड के वजह से जाम की समस्या खड़ी हो गयी है. जबकि कई बार प्रशासनिक बैठक कर टोटो चालको और मालिकों को सिटी ऑटो के रूटों मुख्य सड़कों पर टोटो परिचालन न करने का निर्देश दिया जा चुका है.

उन्हें केवल पॉकेट रूट यानी गल्ली-मुहल्लों में टोटो चलाने का अधिकार है. इसके बावजूद इनकी मनमानी नहीं रूक रही.शहर के सबसे प्रमुख हिलकार्ट रोड पर भी टोटो को चलते देखा जा सकता है.टोटो के तांडव से शहरवासी परेशान हैं. नाबालिग एवं वयोवद्ध के भी टोटो चलाने की कई शिकायतें लगातार मिल रही है. इन सभी गैर-कानूनी कामों को रोकने के लिए ही टोटो चालकों पर लगाम लगाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जायेगी. प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टोटो चालकों व मालिकों को रजिस्ट्रेशन, रूट निर्धारण के लिए सरकारी अनुमति और चालकों को लाइसेंस फरवरी महीने से अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही किराया भी सरकार निर्धारित करेगी. यह कानूनी प्रक्रिया सिलीगुड़ी शहर से शुरू होगी. फिर इसे ग्राम अंचलों में भी लागू करने की योजना बनायी जा रही है. प्रशासनिक सूत्रों ने आगे बताया कि सिलीगुड़ी शहर और महकमा क्षेत्र के ग्राम अंचलों में कितने टोटो चल रहे हैं,इसकी सही जानकारी उपलब्ध करने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए प्रारंभिक स्तर पर प्रत्येक टोटो को एक नंबर दिया जायेगा. सभी को यह नंबर लेना अनिवार्य होगा. स्थानीय प्रशासन की ओर से ही यह नंबर दिया जायेगा. सिलीगुड़ी शहर के लिए नगर निगम और ग्रामीण इलाको के लिए पंचायत व पंचायत समिति के ओर से यह नंबर देने की व्यवस्था की जा रही है. नंबर लेने के साथ ही प्रत्येक टोटो को आंचलिक परिवहन दफ्तर (आरटीओ) से रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

रजिस्ट्रेशन के बाद रूट निर्धारित किया जायेगा. रूट निर्धारण और किराये की प्रक्रिया सामने महीने से ही शुरू हो जायेगी. एसडीओ श्री पणिक्कर के अनुसार पुराने और नये टोटो के समस्याओं का भी समाधान किया जायेगा. नियमानुसार जो जो विक्रेता या डीलर टोटो बेचते हैं उन्हें सात दिनों के अंदर ही आरटीओ से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जिन टोटो का रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें परिचालन के लिए वैध माना जायेगा. लेकिन जो टोटो कई वर्षों से ही बगैर रजिस्ट्रेशन के सड़कों पर दौड़ रहे हैं. उन्हें कानूनन अवैध माना जायेगा. पुराने टोटो को लेकर प्रारंभिक योजना यह है कि पहले उन्हें भी नंबर लेना होगा. इन पुराने टोटो को कारखानों में ले जाकर नये सिरे से मजबूती के साथ तैयार कराया जायेगा. इसके बाद ही इन टोटो का रजिस्ट्रेशन कराया जायेगा. इन सभी प्रक्रियाओं को पूरी करने के लिए समय सीमा भी नर्धारित कर दी जायेगी.

श्री पणिक्कर का कहना है कि पूरे सिलीगुड़ी महकमा में वैध टोटो डीलरों की कुल संख्या 19 है. इनके अलावा भी कई ऐसे अवैध डीलर हैं जिन के कारखानों में चोरी छीपे चीन निर्मित पार्ट्स लाकर कम कीमत व हल्के वजन के टोटो तैयार किये जाते हैं और धड़ल्ले से बिक्री भी हो रही है. इन अवैध कारखानों पर भी नजरदारी रखी जायेगी. मुहिम चलाकर इन्हें बंद कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि नंबर, रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, रूट निर्धारन के बाद परमिट की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. साथ ही कहां-कहां स्टैंड होगा यह भी चिह्नित किया जायेगा. जहां-तहां टोटो स्टैंड करना और परिचालन करना अब नहीं चलेगा.सरकार के इस कदम के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिलने की संभावना है. सिलीगुड़ी के लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है.

टोटो की संख्या छह हजार के पार: मदन
राज्य परिवहन बोर्ड के सदस्य मदन भट्टाचार्य ने दावे के साथ कहा है कि इन दिनों सिलीगुड़ी शहर और पूरे महकमा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में छह हजार से भी अधिक टोटो चल रहे हैं. इनमें अकेले सिलीगुड़ी शहर में तीन हजार से अधिक टोटो हैं. उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी शहर में दो हजार टोटो चलाने की ही सरकारी अनुमति दी जायेगी. ग्रामीण अंचलों के लिए प्रशासनिक स्तर पर योजनाएं बनायी जा रही है. उसके बाद ही इसके आंकड़े निर्धारित किये जायेंगे. श्री भट्टाचार्य का कहना है कि केवल सरकारी अनुमति वाले टोटो को ही चलने दिया जायेगा. बगैर सरकारी अनुमति वाले टोटो परिचालन पर कानूनी कार्रवाही होगी.
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