केंद्र सरकार की देन हैं चिटफंड कंपनियां: ममता बनर्जी

Updated at : 22 Nov 2014 5:20 AM (IST)
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केंद्र सरकार की देन हैं चिटफंड कंपनियां: ममता बनर्जी

कोलकाता/कल्याणी: सारधा चिटफंड कंपनी में एक के बाद एक सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद व मंत्रियों का नाम सामने आ रहे हैं. मामले में शुक्रवार को सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद सृंजय बोस को गिरफ्तार किया. इसके बाद एक बयान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिटफंड कंपनियों की स्थापना पर ही सवालिया निशान लगाया. शुक्रवार […]

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कोलकाता/कल्याणी: सारधा चिटफंड कंपनी में एक के बाद एक सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद व मंत्रियों का नाम सामने आ रहे हैं. मामले में शुक्रवार को सीबीआइ ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद सृंजय बोस को गिरफ्तार किया.

इसके बाद एक बयान में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चिटफंड कंपनियों की स्थापना पर ही सवालिया निशान लगाया. शुक्रवार को कल्याणी में आयोजित सभा में सीएम ने कहा कि चिटफंड कंपनियां राज्य सरकार की नहीं, बल्कि केंद्र सरकार की देन हैं. जब ये चिटफंड कंपनियां राज्य में अपना पैर पसार रही थीं, तो सेबी क्यों सोयी हुई थी. उस समय क्यों नहीं कोई कार्रवाई की गयी. केंद्र सरकार ने पहले इसके खिलाफ क्यों नहीं कदम उठाया. तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने चिटफंड कंपनियों की करतूतों को उजागर किया. हालांकि राज्य में चिटफंड कंपनियों का विकास वाम मोरचा कार्यकाल के दौरान हुआ था.

जब चिटफंड कंपनियां पनप रही थीं, उस समय केंद्र में कांग्रेस व भाजपा दोनों की सरकार थी. चिटफंड कंपनियों के खिलाफ जो कानून है, वह भी केंद्र सरकार के अधीन है. हमारी सरकार ने तो इसके लिए आयोग का भी गठन किया और पांच लाख लोगों को मुआवजा भी दिया है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को इसमें फंसाया जा रहा है और सीबीआइ भी केंद्र सरकार के इशारे पर कार्य कर रही है. सीएम ने इस सभा में सभी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को जिले में विरोधी पार्टियों के खिलाफ प्रचार अभियान तेज करने का निर्देश दिया.

वहीं, राज्य में हो रहे घुसपैठ के संबंध में सीएम ने कहा कि राज्य में घुसपैठ यहां की सरकार का मुद्दा नहीं है. सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी का दायित्व बीएसएफ व एसएसबी का है तो केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यहां घुसपैठ को कैसे रोका जा सके. केंद्र सरकार को सीमावर्ती क्षेत्रों में दीवार या बाड़ लगाने चाहिए, जिससे घुसपैठ को रोका जा सके. वह इस सभा के माध्यम से नदिया, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जिलों के पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं.

उन्हांेने कहा कि कई सीमावर्ती क्षेत्रों में कंटीले तार नहीं लगे होने से घुसपैठ बढ़ रही है. वहीं, उन्होंने कहा कि दंगा गुरुओं के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है. कुछ लोग हैं, जो हिंदू व मुसलिम के बीच विवाद खड़ा करना चाहते हैं, लेकिन राज्य सरकार इसे कतई बरदाश्त नहीं करेगी. ममता ने लोगों को ‘ राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के प्रयास’’ को लेकर चेताया. उन्हांेने श्री रामकृष्ण के प्रसिद्ध कथन ‘जोतो मत, तोतो पथ’ के हवाले से कहा कि हम धर्म गुरुओं का सम्मान करते हैं जो हमें समरसता का पाठ पढ़ाते हैं.

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कल्याणी के सेंट्रल पार्क के निकट मैदान में शुक्रवार को नदिया, मुर्शिदाबाद और उत्तर 24 परगना जिले के तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, विधायक, सांसद और अन्य पदाधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कहा कि हमारे दल में कोई गुटबाजी नहीं है. यह सब मीडिया के दिमाग की उपज है. उन्होंने अपने सदस्यों को हिदायत दी कि सिर को ठंडा रख कर अपने कर्तव्य का पालन करें. कुप्रचार का मुकाबला राजनैतिक तरीके से करें. नये सदस्य बनायें. हमें कमजोर न समङो. घुसपैठियों के विषय में उन्होंने केंद्र को कोसते हुए कहा कि सीमा की सुरक्षा केंद्र का है. सीमा खुला है तो घुसपैठी तो आयेंगे ही. सारधा के विषय में उन्होंने कहा कि इसे रोकने की जिम्मेदारी भी केंद्र की है. रिजर्व बैंक क्या कर रही थी? असल दोषियों को नहीं पकड़ा जा रहा है. सारधा ने जिन लोगों को ठगा है, उनमें कितनों को रुपये वापस किया गया है? सम्मेलन में तीनों जिलों से 35 हजार प्रतिनिधि उपस्थित थे. सभा स्थल के बाहर भी काफी भीड़ थी.

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