सारधा के आरोपी सीबीआइ हिरासत में

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता: करोड़ों रुपये के सारधा चिटफंड घोटाले के मामले में अदालत ने सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को मुख्य आरोपी सुदीप्त सेन, तृणमूल कांग्रेस से निलंबित राज्यसभा सदस्य कुणाल घोष और चार अन्य को सात दिन की हिरासत में लेने की अनुमति दे दी.

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) हरधन मुखोपाध्याय ने सीबीआइ की एक अर्जी पर उसे छह आरोपियों की हिरासत की मंजूरी दी. सीबीआइ ने इस बहुचर्चित घोटाले में बड़े षडयंत्र का खुलासा करने के लिए यह याचिका दाखिल की थी.

सीबीआइ को सुदीप्त सेन की करीबी देबजानी मुखर्जी, सारधा समूह की कंपनियों में अधिकारी रहे मनोज नागल, अरविंद चौहान और सोमनाथ दत्ता को भी हिरासत में लेने की इजाजत मिल गयी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत से आरोपियों की 10 दिन की कस्टडी मांग थी. सभी छह आरोपी फिलहाल पुलिस की हिरासत में हैं.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने नौ मई को पश्चिम बंगाल, ओड़िशा और असम में इस चिटफंड घोटाले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी. इस मामले में सारधा और उससे जुड़ी कंपनियों ने निवेशकों को कथित रूप से करीब 10000 करोड़ रुपये का चूना लगाया है. सुप्रीम कोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा था कि राज्य पुलिस की जांच से लोगों का धन वापस मिलने में कोई सफलता नहीं मिली. सेबी की एक रिपोर्ट का जिक्र करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि सारधा समूह ने करीब 160 कंपनियां बनायी थीं और उनमें से चार अनैतिक कामकाज में आगे रहीं. सुदीप्त सेन और देबजानी मुखर्जी को 23 अप्रैल 2013 को कश्मीर के सोनमर्ग में एक होटल से गिरफ्तार किया गया था और विधाननगर पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया था. अन्य लोगों को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया.

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