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चंदौली कांड में पूरी तरह से घिर गई पु‍लिस, पिता कन्‍हैया यादव का आरोप- बेटी के शव पर थे चोटों के निशान

कन्हैया यादव का कहना है कि पुलिसवालों ने पहले मेरी बेटी को बेरहमी से मारा और फिर हत्या कर लाश को कमरे में लटका कर भाग गए. वहीं अपने बचाव में कन्हैया यादव ने कहा, 'मेरे खिलाफ सभी केस फर्जी हैं, मैं कोई खनन माफिया नहीं हूं, मेरे पास बालू की दुकान का लाइसेंस है, जीएसटी अदा करता हूं.'

By Prabhat Khabar Digital Desk, Lucknow
Updated Date
सांकेतिक तस्‍वीर.
सांकेतिक तस्‍वीर.
प्रभात खबर ग्राफिक्स

Chandauli News: यूपी के चंदौली में हिस्ट्रीशीटर कन्हैया यादव की बेटी निशा की मौत के मामले में अब उसके पिता ने यूपी पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाया है. कन्हैया यादव का कहना है कि पुलिसवालों ने पहले मेरी बेटी को बेरहमी से मारा और फिर हत्या कर लाश को कमरे में लटका कर भाग गए. वहीं अपने बचाव में कन्हैया यादव ने कहा, 'मेरे खिलाफ सभी केस फर्जी हैं, मैं कोई खनन माफिया नहीं हूं, मेरे पास बालू की दुकान का लाइसेंस है, जीएसटी अदा करता हूं. सिर्फ पुलिस ने वसूली के लिए मेरे ऊपर केस दर्ज किया है.'

'मेरी बेटी के शव पर थे मार के निशान'

मीड‍िया से हुई बातचीत में कन्‍हैया यादव ने बताया क‍ि उनकी बेटी के शव पर चोट के निशान थे. जल्‍द ही वे वीड‍ियो को भी जारी करेंगे. साथ ही, उन्‍होंने पुलिस अधिकारी पर आरोप लगाया है कि वह पहले से उनसे अवैध तरीके से रुपए की वसूली करने का दबाव बना रहा था. कन्हैया यादव और मृतक निशा की छोटी बहन ने सीधे तौर पर घर आए पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया है. निशा के पिता और हिस्ट्रीशीटर कन्हैया यादव ने कहा है कि पुलिस ने पहले उसकी बेटी से मारपीट की और फिर उसे फांसी के फंदे से लटकाकर मौके से भाग गए. यहां चौंकाने वाली बात ये है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फंदे से लटकाए जाने की पुष्टि भी नहीं हुई है. मृतक निशा के गले पर खरोंच और बाएं जबड़े के नीचे आधा सेंटीमीटर चोट के निशान पाए गए हैं. वहीं, पोस्टमॉर्टम में शरीर पर कहीं भी ऐसी चोट नहीं पाई गई है जिससे मौत हो जाए. निशा की मौत का कारण अभी इसलिए भी साफ नहीं हो पाया है, क्योंकि उसका विसरा परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है.

गुंजा की तबीयत में हो रहा सुधार

सैयदराजा थानाक्षेत्र के मन राजपुर गांव में 1 मई को पुलिस की दबिश के बाद गैंगस्टर अपराधी कन्हैया यादव की बेटी की मौत के मामले में सस्पेंस बना हुआ है हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की पुष्टि नहीं हो पाई है और रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण कड़ी है कन्हैया यादव की छोटी बेटी गुंजा यादव जो पुलिस की दबिश के दौरान और कन्हैया यादव की बड़ी बेटी निशा यादव की मौत की एकमात्र चश्मदीद गवाह है. हालांकि, घटना के बाद वह भी बहुत पढ़ी हुई थी लेकिन लगातार 30 मिनट के बाद अब उसकी स्थिति में सुधार हो रहा है.

जानें वारदात की कहानी गुंजा की जुबानी

इस घटनाक्रम से पर्दा हालांकि जांच के बाद ही उठेगा लेकिन गुंजा यादव ने पूरे घटनाक्रम को लेकर शेर राजा पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. गुंजा यादव का कहना है कि कई पुलिस वाले घर में घुसे थे. घर में कोई नहीं था. हम लोग छत पर थे. हम नीचे आए. उधर, पुलिसवालों ने किसी चीज से मारकर दरवाजा खोला. पुलिस के आते वक्त हम लोग पूछे सर क्या हुआ है, क्यों धड़ाधड़ घर में घुस रहे हैं. किसी के घर में ऐसे कैसे घुस सकते हैं तो वह लोग कहने लगे कि तुम गुंडे की बेटी हो. तुम लोगों को यहां से उठाकर ले जाएंगे. बकौल गुंजा उसने पूछा आप लोग ऐसे क्यों कर रहे हैं. इसके बाद उन्‍होंने लड़कियों को मारना शुरू कर दिया. गुंजा के मुताबिक, 'हमको मारे. फिर दीदी वहां से भागने लगी तो उनको भी मारने लगे. मुझको 8-10 लोग पकड़कर लेडीस और जेन्स दोनों मार रहे थे उस रूम में दीदी को भी मार रहे थे दीदी चिल्ला रही थी कि गुंजा तुम किसी को बुलाओ यह सब मार रहे हैं. मैं चिल्‍लाती रही कि सर क्यों ऐसा कर रहे हैं. उसकी शादी पड़ी है सर. ऐसा मत कीजिए. मेरा एग्जाम है क्यों मार रहे हैं. हम लोगों ने क्या किया है.'

'पुलिस वाले कम से कम 35-40 की संख्या में थे'

गुंजा ने कहा, 'उसके बाद यह लोग कुर्सी लेकर अंदर चले गए. उसका हाथ पकड़ कर रोकने लगे. पुलिस वालों को रोकने की कोशिश की. उसके बाद वह लोग नहीं माने कुर्सी अंदर लेकर गए. वहां से बाहर चले आए तो फिर हम गए तो देखे क‍ि यह लोग मार कर दीदी को साड़ी से बांधकर लटका दिए ताकि यह साबित किया जा सके कि यह आत्महत्या है.' वहीं, गुंजा ने कहा कि पुलिस वाले कुछ बता नहीं रहे थे. बस यह कह रहे थे कि तुम लोगों को उठवा ले जाऊंगा. वे गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे. पुलिस वाले कम से कम 35-40 की संख्या में थे.

थानाध्यक्ष तथा चार महिला पुलिसकर्मियों मुकदमा दर्ज

चंदौली के पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस दल को घेर लिया और सिपाही मुकेश कुमार और होमगार्ड के जवान छविनाथ को पीट-पीटकर घायल कर दिया. छविनाथ की हालत गम्भीर होने पर उसे वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है. मुकेश का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मामले में मृत युवती के भाई की तहरीर पर थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह तथा चार महिला पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. थानाध्यक्ष को पहले ही निलम्बित किया जा चुका है.

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