छह माह में 40 लोगों को लील गयी सड़क

Updated at : 04 Aug 2017 5:23 AM (IST)
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छह माह में 40 लोगों को लील गयी सड़क

रफ्तार का कहर. ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं होने से सड़क दुर्घनाएं बढ़ीं ओवरलोडिंग व रफ्तार पर अंकुश नहीं लगने के कारण सड़क हादसों में इजाफा हो गया है. पिछले छह माह में एनएच व एसएच पर हुए हादसे में 40 लोगों की जान चली गयी है. यातायात नियमों का पालन नहीं हो पा रहा […]

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रफ्तार का कहर. ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं होने से सड़क दुर्घनाएं बढ़ीं

ओवरलोडिंग व रफ्तार पर अंकुश नहीं लगने के कारण सड़क हादसों में इजाफा हो गया है. पिछले छह माह में एनएच व एसएच पर हुए हादसे में 40 लोगों की जान चली गयी है. यातायात नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है. सड़क जागरूकता सप्ताह द्वारा चलाये गये अभियान का भी असर नहीं दिख रहा है.
साहिबगंज : जिले में दिन प्रतिदिन सड़कों पर बड़ रहे वाहनों के दबाव व रफ्तार पर ब्रेक नहीं लगने के कारण सड़के हादसों में इजाफा हो गया है. साहिबगंज-गोविंदपुर हाइवे व एनएच 80 पर सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ गया है. पिछले छह माह में विभिन्न सड़क हादसे में 40 लोगों की जान चली गयी है. इस दिशा में न तो जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासनिक पदाधिकारी ही संजीदा हैं. ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं है. ट्रैफिक कंट्रोल के नाम पर पुलिस विभाग कुछ चौक-चौराहों पर पुलिस खड़ी कर अपनी जिम्मेदारी से बचते आ रहा है. युवा वर्ग बेलगाम इन सडको पर तेज रफ्तार से बाते कर रहे हैं. वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी नहीं होना एवं रोक टोक के अभाव में हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है. 10 साल में वाहन के बढ़ने से दिक्कत हुई है.
सड़क जागरूकता का नहीं पड़ता प्रभाव : जिले में सड़क सुरक्षा सप्ताह पर एक दो स्वयंसेवी संस्था लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक भी किया था. पर इसका प्रभाव किसी पर नहीं पड़ रहा है. दरअसल, निगरानी व व्यवस्था के अभाव में लोग कुछ ही दिनों में इसे भूल जाते हैं. साहिबगंज महाविद्यालय के एनएसएस के छात्र-छात्राओं इन मौकों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को गुलाब फूल थमा कर उन्हें जिंदगी की कीमत का अहसास भी करा चुके हैं.
यातायात व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं : 12 लाख की आबादी वाला जिला साहिबगंज में 10 वर्षों में वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. वहीं सड़क की चौड़ाई एक इंच नहीं बड़ी है. वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों का पालन नहीं किया जाता है. नतीजा जगह-जगह जाम का मंजर आम हो जाता है. सिर्फ स्टेशन चौक पर शाम के समय में ट्रैफिक पोस्ट पर एक जवान एक या दो घंटे ही तैनात रहता है. बाकी समय लोग जैसे-तैसे वाहनों का परिचालन कर पाते हैं.
बरहरवा व मिर्जाचौकी में लगता है जाम : जिला के स्टेशन चौक, पूर्वी व पश्चिमी रेलवे गुमटी, मिर्जाचौकी व बरहरवा में सड़क जाम का नजारा हर तरफ देखने को मिलता है. जिला मुख्यालय के स्टेशन चौक से लेकर टमटम स्टैैंड तक एनएच 80 पूरी तरह जाम रहता है. यदि ट्रेन पकड़नी हो तो दो घंटा पूर्व रेलवे स्टेशन पहुंचना पड़ेगा.
हादसों पर एक नजर
माह हादसे मौत
जनवरी 11 4
फरवरी 13 4
मार्च 8 6
अप्रैल 14 9
मई 15 12
जून 12 5
क्या कहते हैं एसपी
शहर में स्टेशन चौक, पूर्वी फाटक, सुभाष चौक, पटेल चौक पर टाइगर मोबाइल व पुलिस के जवान को सुबह 9 से 11 के बीच विशेष रूप से तैनात किया गया है. वाहन की जांच भी नियमित रूप से होती है. ट्रैफिक पुलिस के आने के बाद नियम पूर्वक जवानों की तैनाती कर यातायात को सामान्य बना दिया जायेगा.
पी मुरूगन, एसपी
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