रेमडेसिविर कालाबजारी मामले में इडी ने दर्ज की प्राथमिकी, अब मनी लाउंड्रिंग के नजरिये से की जायेगी जांच

रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले में इडी ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अब इसमें मनी लाउंड्रिंग के नजरिये से जांच की जायेगी. प्राथमिकी में कही गयी है दूसरी लहर के दौरान राजीव कुमार सिंह और अरगोड़ा निवासी मनीष कुमार सिन्हा ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की थी.
रांची : प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने रेमडेसिविर कालाबाजारी मामले में प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें राजीव कुमार सिंह और मनीष कुमार सिन्हा को नामजद अभियुक्त बनाया गया है. कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल किये जानेवाले रेमडेसिविर की कालाबाजारी में मनी लाउंड्रिंग के नजरिये से जांच की जायेगी.
प्राथमिकी में कहा गया है कि कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान सर्वोदय नगर निवासी राजीव कुमार सिंह और अरगोड़ा निवासी मनीष कुमार सिन्हा ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी की थी. इनसे 1.10 लाख रुपये में रेमडेसिविर की पांच वाॅयल खरीदी गयी थी. इंजेक्शन का वास्तविक बाजार मूल्य करीब पांच हजार रुपये प्रति वाॅयल है. 28 अप्रैल 2021 को राजीव कुमार सिंह राजभवन के पास मारुति कार (जेएच01पी-0044) से पहुंचे थे.
वहां उनसे पांच वाॅयल रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदा गया था. वहीं, अधिक पैसा लेने के बाद राजीव सिंह ने बिल नहीं दिया. इंजेक्शन खरीदने के बाद पुलिस अधिकारियों को कालाबाजारी की सूचना दी गयी. साथ ही ड्रग कंट्रोलर की टीम के सामने इंजेक्शन को पेश किया गया, जिसे ड्रग कंट्रोल की टीम ने विधिवत जब्त किया. उसे कोतवाली थाने के हवाले कर दिया. दवा की कालाबाजारी के मामले में कोतवाली थाने में भी प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इस मामले की जांच सीआइडी ने भी की. सीआइडी ने जांच के बाद राजीव कुमार और मनीष कुमार सिन्हा के खिलाफ 26 जून 2021 को आरोप पत्र दायर कर दिया है.
Posted By : Sameer Oraon
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