झारखंड में पहली बार नई तकनीक से होगा मछली का उत्पादन, गंगा के ब्रूडर से तैयार होंगे उन्नत बीज, ये है तैयारी

Published at :17 Jul 2021 6:20 PM (IST)
विज्ञापन
झारखंड में पहली बार नई तकनीक से होगा मछली का उत्पादन, गंगा के ब्रूडर से तैयार होंगे उन्नत बीज, ये है तैयारी

Jharkhand News, रांची न्यूज : झारखंड के मत्स्य निदेशालय एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में राज्य में पहली बार गंगा नदी की नर मछली ब्रूडर/प्रजनक के सीमेन का उपयोग कर आनुवांशिक रूप से उन्नत ब्रूडर मछली के साथ-साथ उन्नत मछली का बीज तैयार करने का प्रयास किया गया.

विज्ञापन

Jharkhand News, रांची न्यूज : झारखंड के मत्स्य निदेशालय एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में राज्य में पहली बार गंगा नदी की नर मछली ब्रूडर/प्रजनक के सीमेन का उपयोग कर आनुवांशिक रूप से उन्नत ब्रूडर मछली के साथ-साथ उन्नत मछली का बीज तैयार करने का प्रयास किया गया.

इस कार्यक्रम अंतर्गत हजारीबाग के निजी हैचरी संचालक देवानंद एवं रांची के हैचरी संचालक इन्द्रजीत डे की मौजूदगी में ब्रीडिंग कार्य सम्पन्न किया गया. उनके फार्म-सह-हैचरी यूनिट में गंगा नदी की नर मछलियों के हिमपरिरक्षित सीमेन को झारखंड के मादा मछलियों के अंडों के साथ मिलाकर प्रजनन कार्य कराया गया. हिमपरिरक्षित सीमेन का उपयोग से उन्नत गुणों के मत्स्य बीजों की अगली पीढ़ी में लाया जाना है. इसके साथ-साथ इस कार्यक्रम में राज्य के स्थानीय हैचरी संचालकों को इस तकनीक का प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि झारखंड के मत्स्य किसान भी इसका लाभ भविष्य में उठा सकें. इस प्रोग्राम की सफलता उन्नत बीज उत्पादन की दिशा में काफी लाभदायक साबित होगी.

Also Read: काम दिलाने के बहाने झारखंड से आंध्र प्रदेश ले जायी जा रहीं 3 नाबालिग समेत 15 लड़कियां बाल-बाल बचीं

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा नयी तकनीक को बढ़ावा देने एवं नये प्रयोग किये जाने के आदेश के बाद यह कार्यक्रम किया जा रहा है एवं कृषि मंत्री बादल पत्रलेख एवं कृषि सचिव के मार्गदर्शन में इसे मूर्त रूप दिया जा रहा है. महानिदेशक डॉ त्रिलोचन महापात्रा, उपमहानिदेशक (मात्स्यिकी) डॉ जेके जैना, निदेशक डॉ केके लाल के निर्देशन एवं सहयोग से कार्यक्रम सम्पन्न हुआ. द्वितीय चरण में इस आनुवांशिक उन्नयन के तहतस्थानीय सरकारी हैचरी में भी ब्रूडर स्टॉक का प्रजनन कराने की कार्य योजना तैयार की गयी है.

Also Read: झारखंड की घाघीडीह सेंट्रल जेल में ट्रस्ट के संचालक हरपाल सिंह थापर की मौत, रंगरेटा महासभा ने बताया बड़ी साजिश

कार्यक्रम मत्स्य निदेशक डॉ एचएन द्विवेदी के निर्देश पर प्रथम चरण में दो निजी हैचरी संचालक के फार्म में ये कार्यक्रम सम्पन्न किया गया. वैज्ञानिक डॉ आदित्य कुमार एवं तकनीकी रामाशंकर शाह द्वारा तकनीक का प्रायोगिक प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम में स्थानीय हैचरी संचालक एवं मत्स्य प्रभाग के संयुक्त मत्स्य निदेशक मनोज कुमार एवं सहायक मत्स्य निदेशक शंभु यादव, जिला मत्स्य पदाधिकारी अरूप कुमार चैधरी, सहायक मत्स्य निदेशक, रीतु रंजन एवं अन्य मौजूद थे.

Posted By : Guru Swarup Mishra

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola