अच्छी बारिश नहीं होने से झारखंड में सूखे की संभावना, किसान परेशान, खेतों में धान का बिचड़ा हो रहा बर्बाद

Updated at : 28 Jul 2022 1:27 PM (IST)
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अच्छी बारिश नहीं होने से झारखंड में सूखे की संभावना, किसान परेशान, खेतों में धान का बिचड़ा हो रहा बर्बाद

झारखंड में बारिश की कमी की वजह से फसलों की पैदावार में गिरवाट के कारण किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी है. अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की उम्मीद भी नहीं है. मानसून के समय भी अच्छी बारिश नहीं होने से खेतों पर लगा बिचड़ा अब बर्बाद होने लगा है.

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Jharkhand news : झारखंड में इस बार बारिश की कमी की वजह राज्य सूखा तय लगने लगा है. स्थिति अच्छी नहीं है. किसानों के चेहरे पर मायूसी छायी है. अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की उम्मीद भी नहीं है, इससे रोपा में भी तेजी की उम्मीद नहीं है. बिचड़ा बर्बाद होने लगा है. संताल, हजारीबाग और पलामू प्रमंडल की स्थिति बहुत ही खराब है.बीते साल अब तक करीब सात लाख हेक्टेयर में धान लग गया था. इस साल अब तक मात्र ढाई लाख हेक्टेयर में ही धान लग सका है. बीते साल की तरह इस वर्ष भी 18 लाख हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

अन्य फसलों की स्थिति भी बेहतर नहीं

केवल धान ही नहीं,अन्य फसलों की स्थिति भी अच्छी नहीं है. तय लक्ष्य के 51% में मक्का, 30% में दलहन, 33% में तेलहन तथा 13% में मोटा अनाज लगाया गया है. राज्य सरकार ने कुल 28.27 लाख हेक्टेयर में सभी फसलों को लगाने का लक्ष्य रखा था. इसकी तुलना में 6.23 लाख हेक्टेयर में ही अनाज लग सका है. बीते साल करीब 12 लाख हेक्टेयर में खरीफ में अनाज लग गया था. सूखे की संभावना को देखते हुए कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. सभी कृषि संस्थानों की राय ली गयी है.

मानसून सत्र में सुखाड़ पर होगी विशेष चर्चा

विधानसभा के मानसून सत्र में सुखाड़ पर विशेष चर्चा होगी. मानसून सत्र 29 जुलाई से शुरू हो रहा है. स्पीकर रवींद्रनाथ महतो के साथ पार्टी विधायक दलों की बैठक में इस पर सहमति बनी है. बुधवार को स्पीकर श्री महतो ने पार्टी विधायक दल की बैठक बुलायी थी, जिसमें सीएम हेमंत सोरेन भी मौजूद थे. इसमें कई विधायकों ने राज्य में कम बारिश और किसानों की समस्या उठायी.

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कहां, क्या है बारिश की स्थिति

पूर्वी सिंहभूम जिले में 89% और पश्चिमी सिंहभूम में 91% सामान्य बारिश हुई. वहीं, सबसे कम बारिश चतरा (21% सामान्य का), गोड्डा (26 % सामान्य का), जामताड़ा (29 % सामान्य का) और दुमका (17% सामान्य का) हुई है.

क्या है फसलों की स्थिति (लाख हेक्टेयर में) :

फसल : लक्ष्य : कवरेज (2022 ) : कवरेज (2021)
धान : 18.00 : 2.54 : 6.66
मक्का : 3.12 : 1.60 : 2.05
दलहन : 6.12 : 1.82 : 2.18
तेलहन : 0.60 : 0.20 : 0.24
मोटा अनाज : 0.42 : 0.05 : 0.07

जिलावार 2021 और 2022 में बारिश की स्थिति (सामान्य से प्रतिशत में) :

जिला : 2021 : 2022
पश्चिमी सिंहभूम : 117.00 : 84.00
पूर्वी सिंहभूम : 83.74 : 55.81
सिमडेगा : 56.69 : 49.33
खूंटी : 92.37 : 47.45
सरायकेला-खरसावां : 97. 29 : 47.25
लोहरदगा : 125.61 : 43.23
रामगढ़ : 86.91 : 40.23
हजारीबाग : 122.93 : 39.83
रांची : 119. 84 : 39.68
गुमला : 88.0 : 38.20
बोकारो : 94. 49 : 34.31
धनबाद : 100.70 : 32.98
लातेहार : 104.69 : 32.19
गिरिडीह : 83.08 : 28.33
देवधर : 77.14 : 22.93
साहेबगंज : 128.69 : 21.95
पलामू : 54.83 : 20.80
कोडरमा : 98.73 : 20.27
पाकुड़ : 87.78 : 18.99
गढ़वा : 78.37 : 17.14
दुमका : 74.40 : 17.03
जामताड़ा : 117.08 : 16.08
गोड्डा : 86.64 : 10.62
चतरा : 81.51 : 10.48

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रिपोर्ट : मनोज सिंह, रांची.

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