एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

Updated at : 13 Aug 2020 6:29 AM (IST)
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एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए गठित की गयी कमेटी

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रांची : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने कृषि कार्य को बढ़ावा देने के लिए एक नयी योजना सेंट्रल सेक्टर स्कीम फाइनेंस इन फैसिलिटी अंडर एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की शुरुआत की है. इस योजना के कार्यान्वयन के लिए कृषि निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है.

राज्य में इस योजना के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए राज्य स्तरीय कमेटी बनायी गयी है. कमेटी में मुख्य सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है. सचिव, कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग को सदस्य बनाये गये हैं. निबंधक सहयोग समितियां, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, क्षेत्रीय निदेशक, नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन, संयोजक, एसएलबीसी इसके सदस्य होंगे. इस योजना के सदस्य सचिव, राज्य नोडल पदाधिकारी होंगे. यह समिति नेशनल लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की गाइडलाइंस को राज्य स्तर पर कार्यान्वित करेगी. समिति जिलास्तरीय मॉनिटरिंग कमिटी के सहयोग से लाभुकों/परियोजनाओं के सूची की समीक्षा करेगी.

जिला स्तरीय कमेटी में डीसी होंगे अध्यक्ष : जिला स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन एवं अनुश्रवण के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी का गठन किया गया है. जिसके अध्यक्ष उपायुक्त होंगे. मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद उपाध्यक्ष होंगे. जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, सचिव जिला बाजार समिति, जिला मत्स्य पदाधिकारी एवं जिला अग्रणी पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे. जिला प्रबंधक नाबार्ड इसके सदस्य सचिव होंगे.

15 लाख परिवारों को जोड़ा जा रहा है कृषि आजीविका से

रांची. ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के तहत आजीविका संवर्धन के प्रयास किये जा रहे हैं. इसके तहत इस साल सखी मंडल से जुड़े करीब 15 लाख परिवारों को कृषि आधारित आजीविका से जोड़ा जा रहा है. जिसमें करीब चार लाख बाहर से लौटे प्रवासियों को भी शामिल किया गया है, ताकि वे खेती के कार्यों में जुटें. राज्यभर में जेएसएलपीएस के माध्यम से अब तक करीब 2259.2

क्विंटल धान के बीज का वितरण हो चुका है. रोपाई एवं अन्य कार्य किये जा रहे हैं. दलहन की खेती के लिए राज्य में 930.3 क्विंटल अरहर, 322.4 क्विंटल उड़द एवं करीब 26.5 क्विंटल मूंग के बीज का वितरण किया गया है. रागी एवं मूंगफली के क्रमश: 183.3 क्विंटल एवं 132.4 क्विंटल बीज वितरण किया गया है. वहीं दीदियों को 516.1 क्विंटल मक्का का बीज भी उपलब्ध कराया गया है. इस एवज में दीदियों से करीब 19 करोड़ रुपये का संग्रहण अंशदान के रूप में हो रहा है.

चार लाख प्रवासियों कोभी किया है शामिल

50% सब्सिडी पर उन्नत किस्म के बीज िदये गये

आदिम जनजाति परिवारों के बीच किट का वितरण

राज्य में करीब 10000 अति विशिष्ट आदिम जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों के बीच आजीविका एवं कुपोषण से लड़ने के लिए पोषण वाटिक किट का वितरण भी किया गया है. इस किट में कुपोषण से लड़ाई में सहायक विभिन्न साग-सब्जियों के बीज हैं.

सस्ती दर पर दिये गये बीज

सखी मंडल की महिलाओं को कृषि आजीविका बढ़ाने के लिए सस्ती दर पर बीज दिये गये हैं. उन्हें खरीफ के फसल से जोड़ा जा रहा है. कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के बीज विनीमय एवं वितरण कार्यक्रम एवं बीजोत्पादन योजना अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को सखी मंडल के जरिए 50 फीसदी सब्सिडी पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराये गये हैं.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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