1. home Home
  2. state
  3. jharkhand
  4. ranchi
  5. central university jharkhand recruitment case team arrived to investigate former vc is accused of restoring relatives srn

सीयूजे में नियुक्ति गड़बड़ी की जांच करने पहुंची टीम, पूर्व वीसी पर रिश्तेदारों को बहाल करने का है आरोप

केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची में नियुक्ति में हुई गड़बड़ी की जांच पांच सदस्यीय टीम कल विवि कैंपस आयी थी. आरोप है कि पूर्व कुलपति डॉ एनके यादव के कार्यकाल में कई पदों पर अपने रिश्तोदारों को बहाल करने का आरोप है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सीयूजे के पूर्व वीसी ने नियम तोड़ कर रिश्तेदारों व करीबियों की नियुक्ति की
सीयूजे के पूर्व वीसी ने नियम तोड़ कर रिश्तेदारों व करीबियों की नियुक्ति की
Prabhat khabar

रांची : केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) में शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्ति में हुई गड़बड़ी की जांच करने पांच सदस्यीय केंद्रीय टीम मंगलवार को चेरी-मनातू स्थित विवि कैैंपस पहुंची. सीवीअो की शिकायत पर केंद्रीय टीम जांच करने पहुंची है. टीम में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, नयी दिल्ली के अधिकारी शामिल हैं. टीम के सदस्यों ने मंगलवार को जांच शुरू कर दी है.

पूर्व कुलपति डॉ एनके यादव के कार्यकाल में 50 शिक्षकों व 62 कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी. इनमें विश्वविद्यालय के अधिकारियों के रिश्तेदार या राजनीतिक पहुंचवाले लोगों के करीबी लोगों की नियुक्ति करने का आरोप है. पद सृजन व आरक्षण की अनदेखी कर वर्ष 2015 से 2020 के बीच इन लोगों की नियुक्ति हुई है.

बिना नियमावली की गयी थी नियुक्तियां :

विश्वविद्यालय में बिना नियुक्ति नियमावली स्वीकृत हुए रजिस्ट्रार, वित्त पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, लाइब्रेरियन सहित कई अधिकारियों की नियुक्ति की गयी. विवि में मल्टी टास्किंग स्टाफ पद पर नियुक्ति के लिए दो अनारक्षित पदों की रिक्ति निकाली गयी. इसमें उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा कुलपति ने 42 वर्ष रख दी, जबकि भारत सरकार के नियमों के अनुसार, अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष है.

डॉ यादव की ओर से बनाये गये ड्राफ्ट में अधिकतम उम्र सीमा 30 वर्ष रखी गयी, लेकिन उन्होंने अनारक्षित पद के विरुद्ध ओबीसी केटेगरी में साढ़े 44 साल के भगीना की नियुक्ति कर ली. इसी प्रकार सिक्यूरिटी इंस्पेक्टर की उम्र अधिकतम 32 साल होनी चाहिए,लेकिन डॉ यादव ने 35 वर्षीय भांजे को सिक्यूरिटी इंस्पेक्टर बनाया. बाद में उसे 2019 की रिक्ति के आलोक में सिक्यूरिटी अफसर बना दिया. विवि की स्थापना 2009 के बाद से 2013 के बीच 75 नन टीचिंग पदों पर नियुक्ति पूर्व कुलपति डॉ डीटी खटिंग ने की.

आरोप है कि कुलपति ने अपनी बहन के बेटे नीरज कुमार को एमटीएस, गौरव कुमार को लैब असिस्टेंट, नेहा को जूनियर इंजीनियर, नूतन भारती को फार्मासिस्ट, तरुण कुमार को सिक्यूरिटी इंस्पेक्टर, पुस्तकालय अध्यक्ष सुजीत कुमार पांडेय के रिश्तेदार ताराशंकर तिवारी को एमटीएस, मनमीत कुमार, हिमांशु, अश्विनी कुमार, विजय विश्वकर्मा, मुकेश विश्वकर्मा, निशा रॉय, सुधीर राय व अन्य की नियुक्ति बिना सीआरआर गठन के ही की.

Posted By : Sameer Oraon

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें