सीयूजे की आपत्ति के बाद भी दिया गया 10 साल के लिए पहाड़ काटने का लीज

Updated at : 23 Feb 2020 6:28 AM (IST)
विज्ञापन
सीयूजे की आपत्ति के बाद भी दिया गया 10 साल के लिए पहाड़ काटने का लीज

राणा प्रताप रांची : चेरी-मनातू में ब्लास्टिंग जोन केे पास बस रही सेंट्रल यूनिवर्सिटी अॉफ झारखंड (सीयूजे) के कैंपस से सटे पहाड़ को काटने का माइनिंग लीज 10 वर्षों के लिए दिया गया है. पास में ही क्रशर लाइसेंस भी दिया गया है. वर्ष 2016 में हिंदुकुश कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को पहाड़ के 18.2 एकड़ […]

विज्ञापन
राणा प्रताप
रांची : चेरी-मनातू में ब्लास्टिंग जोन केे पास बस रही सेंट्रल यूनिवर्सिटी अॉफ झारखंड (सीयूजे) के कैंपस से सटे पहाड़ को काटने का माइनिंग लीज 10 वर्षों के लिए दिया गया है. पास में ही क्रशर लाइसेंस भी दिया गया है. वर्ष 2016 में हिंदुकुश कंस्ट्रक्शन नामक कंपनी को पहाड़ के 18.2 एकड़ एरिया का माइनिंग लीज दिया गया है. कंपनी के पास वर्ष 2026 तक का माइनिंग लीज है. जबकि वर्ष 2013 से ही सीयूजे प्रशासन ने वहां क्रशर संचालन पर आपत्ति जता रहा है और हुए इसे बंद करने का आग्रह करता रहा है.
सीयूजे कैंपस के समीप तीन माइनिंग लीज व क्रशर का लाइसेंस दिया गया है. माइनिंग लीज व क्रशर का लाइसेंस तब दिया गया है, जब पहाड़ से सटे सीयूजे कैंपस का निर्माण 23 फरवरी 2013 से ही चल रहा है. पहाड़ के ऊपर मंदिर बना हुआ है. पहाड़ से सटे हुए ही सीयूजे का एकेडमिक ब्लॉक है. खेल मैदान भी है. इसी मैदान में सीयूजे के पहले दीक्षांत समारोह की तैयारी जोरों पर है. 28 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे. कैंपस के अंदर एकेडेमिक बिल्डिंग, लाइब्रेरी बिल्डिंग, एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग, गर्ल्स हॉस्टल, पांच ब्वाॅयज हॉस्टल समेत अन्य भवनों का निर्माण किया जा रहा है.
प्रशासन ने सिर्फ निर्माणाधीन सीयूजे कैंपस के पास ही माइनिंग लीज नहीं दिया है. रांची विश्वविद्यालय के लिए चिह्नित परिसर व आइटीबीपी के पीछे भी विंध्यवासिनी कंपनी को माइनिंग लीज व क्रशर लाइसेंस दिया है. विंध्यवासिनी कंपनी को वर्ष 2018 से 2028 तक पत्थर उत्खनन कार्य के लिए माइनिंग लीज दिया गया.
उधर, सीयूजे द्वारा जिला प्रशासन से निर्माणाधीन कैंपस से सटे पहाड़ में चल रहे माइनिंग कार्य को बंद कराने को लेकर कई बार आग्रह किया गया है, लेकिन इसे नजरअंदाज कर वर्ष 2016 में 10-10 वर्षों के लिए पहाड़ की माइनिंग लीज दे दिया गया.
गढ़ा जा रहा है कुतर्क
इन्वायरमेंटल क्लियरेंस, पॉल्यूशन क्लियरेंस सहित सारे क्लियरेंस के बाद चेरी-मनातू व चामगुरु में माइनिंग लीज व क्रशर लाइसेंस दिया गया है. ये वैध रूप से चल रहे है. उन्हें कैसे रोक सकते हैं. रोकेंगे, तो कोर्ट चले जायेंगे.
सत्यजीत, जिला खनन पदाधिकारी, रांची
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola