रांची : खाली समय में कृषि कार्य करें महिलाएं
Updated at : 10 Jun 2019 9:02 AM (IST)
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रांची : बिरसा कृषि विवि के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने कहा है कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए खाली समय में सेकेंडरी कृषि कार्यों को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एकंबा गांव को गोद लिया है. गांव में मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन,मत्स्य उत्पादन,बकरी पालन और सूकर पालन को बढ़ावा […]
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रांची : बिरसा कृषि विवि के कुलपति डॉ परविंदर कौशल ने कहा है कि ग्रामीण महिलाओं को अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए खाली समय में सेकेंडरी कृषि कार्यों को अपनाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने एकंबा गांव को गोद लिया है.
गांव में मशरूम उत्पादन, मुर्गी पालन,मत्स्य उत्पादन,बकरी पालन और सूकर पालन को बढ़ावा देने से ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी और पोषण सुरक्षा को गति भी मिलेगी. आने वाले समय में बांस की व्यावसायिक खेती का लाभ भी गांव में दिखने लगेगा. कुलपति डॉ कौशल कांके प्रखंड स्थित एकम्बा गांव में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के पौधा रोग विभाग द्वारा रविवार को आयोजित एक दिवसीय महिला गोष्ठी में बोल रहे थे.
उन्होंने मशरूम उत्पादक महिलाओं को विश्वविद्यालय की ओर से मार्केटिंग एवं उत्पाद के प्रसंस्करण में सभी संभव सहायता देने की बात कही. इस अवसर पर निदेशक अनुसंधान डॉ डीएन सिंह ने प्रशिक्षित महिलाओं को अन्य गांव तथा करीबी महिलाओं को प्रेरित करने और जोड़ने की सलाह दी.
वहीं, डीन एग्रीकल्चर डॉ एमएस यादव ने गांव के सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए अधिक से अधिक महिलाओं के सेकेंडरी कृषि से जुड़ने के महत्व के बारे में बताया. इस मौके पर डॉ एन कूदादा,डॉ एमके वर्णवाल, डीन वेटनरी डॉ एमपी सिन्हा, डॉ बीके रॉय, डॉ बसंत उरांव, डॉ हिमांशु सिंह एवं मुनि प्रसाद भी मौजूद थे.
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