....जब जनता ने रांची लोकसभा सीट के प्रत्याशी संजय सेठ व सुबोधकांत सहाय से पूछे ये सवाल, जानें किसने क्या दिया जवाब
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Apr 2019 8:47 AM
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रिम्स ऑडिटोरियम में संवाद का आयोजन किया गया. इसमें रांची लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी संजय सेठ और कांग्रेस के प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय एक मंच पर मौजूद थे. सांसद पद के दोनों ही उम्मीदवारों ने इस मंच से […]
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) और रिम्स जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को रिम्स ऑडिटोरियम में संवाद का आयोजन किया गया. इसमें रांची लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी संजय सेठ और कांग्रेस के प्रत्याशी सुबोधकांत सहाय एक मंच पर मौजूद थे. सांसद पद के दोनों ही उम्मीदवारों ने इस मंच से अपने-अपने अंदाज में जनता के सवालाें के जवाब दिये.
पांच साल में खुले तीन नये मेडिकल कॉलेज : संजय सेठ
राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं. पांच साल में तीन नये मेडिकल कॉलेज खोले गये. देवघर में एम्स को लाया गया. इससे अब गरीब को खेत- खलिहान को गिरवी रखने व बेचने की जरूरत नहीं पड़ रही है.
आयुष्मान योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति को मिल रहा है. अगर कोई बीमार हो गया, तो तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, वह भी नि:शुल्क. पहले लोग बीमार होने पर वाहन की तलाश में रहते थे. रिम्स में सीमित संसाधन में डॉक्टर बेहतर सेवा दे रहे हैं. कई बड़ी सर्जरी कर यहां के डॉक्टर देश के पटल पर रिम्स का नाम रोशन कर रहे हैं. चिकित्सकों का मान-सम्मान बढ़ रहा है. अस्पतालों में पहले केरल की नर्स सेवा नहीं देती थीं, लेकिन अब राज्य की बेटियां सेवाएं दे रही हैं. एमबीबीएस की सीटों को 250 करने का प्रयास भी चल रहा है. मैं खुद बीमार हुआ तो रिम्स में इलाज कराया.
सिर्फ भवन बने, अस्पताल में नहीं हुए तब्दील : सुबोधकांत
स्वास्थ्य सेवाआें के मिलने में अमीर-गरीब की खाई बढ़ती जा रही है. राज्य के जिला मुख्यालय व ब्लॉक स्तर पर सिर्फ भवनों के निर्माण का कार्य किया गया. भवन अस्पताल में तब्दील नहीं हुए. रिम्स हर दिन सुर्खियों में रहता है. स्वास्थ्य मंत्री निरीक्षण करने आते हैं, फिर भी सुविधाओं में सुधार नहीं होता है. रिम्स व सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. डॉक्टर तनाव में रहते हैं. बेड के लिए पैरवी करनी पड़ती है, तब जाकर मरीज भर्ती होता है.
शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हर जगह लोग जूझ रहे हैं. अस्पताल में सुविधाओं का अभाव है. हमारा संकल्प है कि बीपीएल के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी जायेगी. यह केंद्र व राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी कि आम आदमी को मुफ्त सेवाएं मिलें. जैसे हमारे भोजन जरूरी है वैसे ही स्वास्थ्य भी जरूरी है. हमारी स्वास्थ्य योजनाओं को भंग कर नयी योजना का नामकरण किया गया.
जो सवाल पूछे गये
1. मेडिल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करना
2. रिम्स में स्थानीय लोगाें को महत्व दिया जायेगा
3. रांची में एम्स को लाने का प्रयास किया जायेगा
संजय सेठ का जवाब
विधानसभा में लाया गया, सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है
अवश्य दिया जायेगा
हम अवश्य प्रयास करेंगे कि रांची में भी एम्स हो
सुबोधकांत सहाय का जवाब
सरकार को लागू करना चाहिए
हम हमेशा से इसका समर्थन करते रहे हैं
हमारी सरकार आयी, तो रांची में एम्स लायेंगे
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