भवनों में सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य, मुख्यमंत्री आज जारी करेंगे झारखंड राज्य सोलर रूफटॉप नीति 2018

Updated at : 22 Feb 2019 7:13 AM (IST)
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भवनों में सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य, मुख्यमंत्री आज जारी करेंगे झारखंड राज्य सोलर रूफटॉप नीति 2018

शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, स्कूल, कॉलेज, होटल, मॉल में भी सोलर पावर प्लांट अनिवार्य सुनील चौधरी रांची : शहरी क्षेत्रों में तीन हजार वर्गफीट या इससे ज्यादा जगह पर बने आवासीय भवनों में सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. झारखंड राज्य सोलर रूफटॉप नीति 2018 के तहत इसे अनिवार्य किया गया है. […]

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शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, स्कूल, कॉलेज, होटल, मॉल में भी सोलर पावर प्लांट अनिवार्य

सुनील चौधरी

रांची : शहरी क्षेत्रों में तीन हजार वर्गफीट या इससे ज्यादा जगह पर बने आवासीय भवनों में सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. झारखंड राज्य सोलर रूफटॉप नीति 2018 के तहत इसे अनिवार्य किया गया है. मुख्यमंत्री रघुवर दास 22 फरवरी को इस नीति को जारी करेंगे. जेरेडा द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है. नयी सोलर रूफटॉप नीति 2018 में राज्य में सौर ऊर्जा को प्राथमिकता देने की बात कही गयी है. सौर उद्योग को प्राथमिक उद्योग घोषित किया जायेगा.

कहां-कहां अनिवार्य है सोलर पावर प्लांट लगाना

नगर निगम, नगर परिषद, नगर समितियों, शहरी विकास प्राधिकरण, औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास प्राधिकरण और निगमों की सीमाओं के भीतर आनेवाले 3000 वर्गफीट या इससे ऊपर के सभी आवासीय भवनों में कनेक्टेड लोड का न्यूनतम 10 प्रतिशत या एक किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है.

30 किलोवाट और इससे अधिक क्षमता से जुड़े हुए सभी निजी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, तकनीकी, व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, विश्वविद्यालय आदि में कनेक्टेड लोड का न्यूनतम 10 प्रतिशत या पांच किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाना होगा.

सभी सरकारी भवनों, सरकारी कॉलेजों, जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डीआइइटी), सरकारी शैक्षणिक संस्थान 30 किलोवाट और उससे अधिक के भार से जुड़े विश्वविद्यालयों में भी लोड का 10 प्रतिशत या पांच किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाना होगा.

सभी निजी अस्पताल और नर्सिंग होम, औद्योगिक प्रतिष्ठान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, मॉल, होटल, मोटेल, भोजन हॉल और पर्यटन परिसरों में कनेक्टेड लोड का 10 प्रतिशत या 10 किलोवाट क्षमता का पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा.

ग्रुप हाउसिंग सोसायटीज, बिल्डर्स, हाउसिंग बोर्ड द्वारा विकसित नये आवासीय परिसरों में भी न्यूनतम 10 किलोवाट से लेकर 40 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर प्लांट लगाना होगा.

जल संसाधन विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सभी जल उठाने, पंपिग स्टेशनों में भी न्यूनतम 10 किलोवाट क्षमता का पावर प्लांट लगाना होगा.

सोलर टैरिफ की दर 3.80 रुपये/यूनिट

सरकार सोलर रूफटॉप पावर प्लांट लगाने वाले लोगों को अनुदान भी देगी.

साथ ही अतिरिक्त बिजली नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर पर लेने की बात भी कही गयी है. गौरतलब है कि विद्युत नियामक आयोग ने सोलर रूफटॉप से उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा बिजली वितरण कंपनी को बेचने की दर पचास पैसे से बढ़ा कर 3.80 रुपये प्रति यूनिट कर दी है. इससे संबंधित आदेश 21 फरवरी को जारी कर दिया गया है.

यानी घरों में सोलर प्लांट लगाने वाले लोग बिजली वितरण कंपनी को अतिरिक्त बिजली बेच सकते हैं.इसके एवज में 3.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से कंपनी भुगतान करेगी. घरों से उत्पादित बिजली को सीधे ग्रिड में भेज दिया जायेगा. बिजली की खपत के आकलन के लिए घरों में नेट मीटरिंग की व्यवस्था होगी. वहीं उत्पादित पूरी बिजली को बिना इस्तेमाल किये बेचने पर दर 4 .16 रुपये निर्धारित की गयी है.

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