गरीबी मिटाने के मामले में झारखंड 29वें स्थान पर

Updated at : 05 Feb 2019 8:19 AM (IST)
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गरीबी मिटाने के मामले में झारखंड 29वें स्थान पर

आबादी के 86 % लोगों को खाद्य सुरक्षा कानून से जोड़ा गया, मंत्री ने किया स्वीकार रांची : सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2018 के दो मानकों गरीबी मिटाने और भुखमरी खत्म करने के लक्षित मामलों में सभी राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के बीच झारखंड का रैंक 29 वां है. यह बात सोमवार को विधानसभा […]

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आबादी के 86 % लोगों को खाद्य सुरक्षा कानून से जोड़ा गया, मंत्री ने किया स्वीकार
रांची : सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2018 के दो मानकों गरीबी मिटाने और भुखमरी खत्म करने के लक्षित मामलों में सभी राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों के बीच झारखंड का रैंक 29 वां है. यह बात सोमवार को विधानसभा में मंत्री अमर बाउरी ने स्वीकार किया.
यह भी स्वीकार किया कि अच्छा स्वास्थ्य लक्षित मामले में झारखंड का स्थान देश में 23 वां और अार्थिक विकास के मामले में 25वां है. विधायक सुखदेव भगत के सवाल पर श्री बाउरी ने कहा कि देश में गरीबी हटाने को लेकर 15 अगस्त 1947 से बात चल रही है. गरीबी दे‌श व झारखंड को विरासत में मिली है. सरकार ने आबादी के 86 प्रतिशत लोगों को खाद्य सुरक्षा कानून से जोड़ा है. भूख से मौत को लेकर राजनीति होती है. कभी भी किसी को खाना नहीं मिलने की बात पहले नहीं आती है.
जब मौत हो जाती है तो उस पर राजनीति शुरू हो जाती है. यह सामाजिक दायित्व भी है. केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार परफाॅर्मिंग स्टेट में शामिल है. किसी की भूख से मौत नहीं हो, इसके लिए सरकार ने पंचायतों में 10 हजार रुपये का फंड दिया है. विधायक सुखदेव भगत व प्रदीप यादव ने सरकार से भूख से मौत की परिभाषा बताने को कहा.
पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने को लेकर अध्ययन करेगी सरकार
झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने को लेकर सरकार अध्ययन करेगी. इसको लेकर सरकार महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़ व हरियाणा में लागू कानून की प्रति मंगायेगी. इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार से पत्राचार हुआ है.
कानून की प्रति आने के बाद इसकी समीक्षा की जायेगी. इसके बाद सरकार अागे की कार्रवाई करेगी. यह जवाब मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने विधायक बिरंची नारायण की ओर से पूछे गये सवाल पर दिया. श्री नारायण ने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य में संघर्षरत पांच पत्रकारों की हत्याएं हो चुकी हैं. पत्रकारों पर लगातार हमले होते रहे हैं.
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