छह कामगारों को शो कॉज किया

Published at :09 Jul 2014 3:25 AM (IST)
विज्ञापन
छह कामगारों को शो कॉज किया

पिपरवार : सीसीएल में अधिग्रहीत जमीन के बदले फरजी तरीके से नौकरी हासिल करने के आरोप में छह कामगारों को प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उक्त कामगारों में पांच अशोक परियोजना तथा एक सीएचपी/सीपीपी परियोजना में केटेगरी-वन प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत है. अशोक परियोजना में कार्यरत पांचों कामगारों के खिलाफ […]

विज्ञापन

पिपरवार : सीसीएल में अधिग्रहीत जमीन के बदले फरजी तरीके से नौकरी हासिल करने के आरोप में छह कामगारों को प्रबंधन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उक्त कामगारों में पांच अशोक परियोजना तथा एक सीएचपी/सीपीपी परियोजना में केटेगरी-वन प्रशिक्षु के रूप में कार्यरत है.

अशोक परियोजना में कार्यरत पांचों कामगारों के खिलाफ आठ जुलाई को प्रबंधन द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. वहीं सीएचपी/सीपीपी परियोजना में कार्यरत कामगार को नौ जुलाई को नोटिस जारी किया जायेगा. नोटिस में तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.

कैसे हुई थी नियुक्ति : विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एनके एरिया की केडीएच परियोजना के लिए अधिग्रहीत जमीन के एवज में अरुण कुमार साहू व अरविंद कुमार साहू (दोनों के पिता स्व़ पृथ्वीनाथ साहू, धर्मेद्र कुमार साहु (पिता राजकुमार साहू), कुंदन साहू (पिता दिलीप साहू) व राजेश कुमार साहू (पिता भोला साहू) की नियुक्ति सीसीएल मुख्यालय द्वारा पिपरवार क्षेत्र की अशोक परियोजना में, जबकि जितेंद्र साहू (पिता राजकुमार साहू) की नियुक्ति सीएचपी/सीपीपी परियोजना में की गयी थी. इस संबंध में मिली शिकायत की जांच-पड़ताल के बाद हुए खुलासे के आलोक में पिपरवार क्षेत्र के कार्मिक व प्रशासनिक अधिकारी गोपाल प्रसाद की पहल पर उक्त कार्रवाई शुरू की गयी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola