बीआरपी- सीआरपी ने एडीपीओ के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्यालय में हंगामा और प्रदर्शन किया

Updated at : 02 Sep 2020 7:52 PM (IST)
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बीआरपी- सीआरपी ने एडीपीओ के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्यालय में हंगामा और प्रदर्शन किया

Jharkhand news, Gumla news : बीआरपी और सीआरपी महासंघ, गुमला ने सर्वशिक्षा अभियान के एडीपीओ पियुष कुमार के कार्यों से नाराज होकर उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साथ ही अपना लंबित मानदेय की भी मांग किया है. एडीपीओ के खिलाफ बुधवार को बीआरपी (Block Resource Person) एवं सीआरपी (Cluster Resource Person) ने सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए कार्यालय के समक्ष हंगामा एवं प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद डीसी एवं डीईओ को ज्ञापन सौंपा है.

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Jharkhand news, Gumla news : गुमला : बीआरपी और सीआरपी महासंघ, गुमला ने सर्वशिक्षा अभियान के एडीपीओ पियुष कुमार के कार्यों से नाराज होकर उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. साथ ही अपना लंबित मानदेय की भी मांग किया है. एडीपीओ के खिलाफ बुधवार को बीआरपी (Block Resource Person) एवं सीआरपी (Cluster Resource Person) ने सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए कार्यालय के समक्ष हंगामा एवं प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद डीसी एवं डीईओ को ज्ञापन सौंपा है.

बीआरपी- सीआरपी महासंघ की ओर से डीसी एवं डीईओ को ज्ञापन सौंप कर एडीपीओ पियुष कुमार द्वारा वित्तीय कार्यो में मनमानी एवं प्रखंड संसाधन सेवियों (Block Resource Person) का मानदेय भत्ता लंबित रखने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है. ज्ञापन में कहा है कि गुमला जिला के तहत समग्र शिक्षा प्रखंड एवं संकुल संसाधन केंद्र में बीआरपी- सीआरपी ई-विद्या वाहिनी कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय अनुश्रवण का कार्य करते हैं.

विभागीय नियमानुसार, संबंधित कार्य किये जाने के विरुद्ध ई- विद्या वाहिनी योजना (E-Vidya Vahini Yojana) के तहत मासिक अनुश्रवण भत्ता का भुगतान किया जाता है. माह सितंबर 2019 से मार्च 2020 तक का अनुश्रवण भत्ता (Monitoring allowance) का भुगतान विभागीय नियमानुसार नहीं किया गया है.

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उक्त कार्य संबंधी वित्तीय भुगतान करने के लिए एडीपीओ द्वारा रुपये की मांग की गयी है. इसका विरोध करने पर उक्त कार्य को बाधित कर जबरन एक वर्ष से संसाधन सेवियों द्वारा दी गयी अनुपस्थिति पर अनावश्यक आपत्ति दर्ज कर भुगतान को वर्तमान समय तक लंबित रखा गया है. एडीपीओ सत्र 2019-20 में अनेक बीआरपी एवं सीआरपी का मानदेय भी अनावश्यक रूप से रोक कर रखा है, जबकि राज्य स्तरीय कार्यालय द्वारा निर्गत शून्य अनुश्रवण करने वाले बीआरपी- सीआरपी की सूची में भी इनका नाम नहीं है.

इनके मनमाने कार्य का प्रमाण जून 2020 के मानदेय में बिना किसी सूचना के और ना ही किसी कारण पूछे जिले के सभी बीआरपी- सीआरपी का एक दिन का मानदेय की कटौती करते हुए राज्य कार्यालय को भुगतान के लिए प्रेषित किया गया है. जबकि बीआरपी- सीआरपी महासंघ झारखंड प्रदेश द्वारा ऑनलाइन कार्यो का बहिष्कार संबंधी सूचना राज्य एवं जिला कार्यालय को दिया गया था. इसके बाद राज्य परियोजना निदेशक द्वारा ऑनलाइन कार्य नहीं करने वाले बीआरपी-सीआरपी की सूची की मांग की गयी थी.

उक्त पत्र में मानदेय कटौती का उल्लेख नहीं किया गया है. इसके बावजूद एडीपीओ द्वारा डीएसई को दिगभ्रमित कर संचिका में हस्ताक्षर कराया गया. इनके द्वारा कई बार अनावश्यक पत्र निर्गत किया गया है. साथ ही अनेक बीआरपी-सीआरपी का मानदेय एवं अनुश्रवण भत्ता का भुगतान तथ्यहीन एवं अतार्किक तरीके से किया गया. ज्ञापन सौंपने जितेंद्र सिंह, श्याम कुमार लाल सहित कई लोग मौजूद थे.

बीआरपी-सीआरपी 3 सितंबर को डीईओ से मिलेंगे

इस संबंध में डीईओ सुरेंद्र पांडे ने कहा कि बीआरपी- सीआरपी को 3 सितंबर को मिलने के लिए कहा है. उनकी क्या समस्याएं हैं. उन समस्याओं को सुनने के बाद उसे दूर किया जायेगा. एडीपीओ से क्या नारागजी है. इसका भी पता करेंगे.

Posted By : Samir Ranjan.

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