बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और जीवन के लिए काम करें

Updated at : 30 Jul 2018 2:46 AM (IST)
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बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और जीवन के लिए काम करें

गुमला : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गुमला अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 (एक अगस्त से 31 अगस्त तक) का शुभारंभ रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला के साथ हुआ. कार्यशाला में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारी, कर्मी, स्वच्छता कार्यक्रम से संबंधित कर्मी व विभिन्न पंचायतों के मुखिया शामिल हुए. कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) […]

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गुमला : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गुमला अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 (एक अगस्त से 31 अगस्त तक) का शुभारंभ रविवार को एक दिवसीय कार्यशाला के साथ हुआ. कार्यशाला में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारी, कर्मी, स्वच्छता कार्यक्रम से संबंधित कर्मी व विभिन्न पंचायतों के मुखिया शामिल हुए. कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) गुमला के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए बनाये गये विभिन्न आयामों के बारे में जानकारी दी गयी.
उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि दो अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) लागू किये जाने के बाद ग्राम स्तर पर स्वच्छता से संबंधित व्यापक परिवर्तन देखने को मिल रहा है. ग्राम स्तर पर स्थित विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थलों आदि का साफ-सुथरा होना जरूरी है. गांव के विद्यालयों अथवा आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़नेवाले बच्चों जो गांव के हैं, उनके बेहतर स्वास्थ्य और जीवन के लिए हमारा कर्त्तव्य बनता है कि उनके बीच स्वच्छता आधारित परिचर्चा की जाये. साथ ही विद्यालय स्तर पर शौचालयों का नियमित साफ-सफाई एवं शौचालय के उपयोग के लिए बच्चों को प्रेरित किया जाये.
शौचालय के उपयोग की आदतों को व्यवहार में लाना जरूरी है. शौचालय में जग, बाल्टी, साबुन आदि चीजें मुख्य रूप से रखा जाये. विद्यालय के प्रांगण में कूड़ा-कचरा के उचित निपटारे के लिए कूड़ादान रखें. साथ ही विद्यालय स्तर पर जल जमाव की समस्या से निपटने के लिए सोख्ता गड्ढा बनायें. इसी प्रकार स्वास्थ्य केंद्रों और हाट-बाजार में भी शौचालय का उपयोग करें. ताकि स्वच्छता बरकरार रहे. इसी से संबंधित स्वच्छता सर्वेक्षण होने जा रहा है. जो एक अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त 2018 तक चलेगा. इसमें विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हाट-बाजार, धार्मिक स्थलों तथा उनके इर्द-गिर्द स्वच्छता को देखते हुए सर्वेक्षण किया जाना है.
वहीं यूनिसेफ के प्रतिनिधि अर्जुन कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में ही शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य हो चुका है. अब ग्रामीण क्षेत्रों के स्वच्छता का सर्वेक्षण करना है. उन्होंने चिह्नित स्थलों पर स्वच्छता संबंधित सुविधा होने और नहीं होने पर दिये जाने वाले अंक, ग्राम बैठक, समूह चर्चा, ऑनलाइन प्रतिक्रिया देने, व्यक्तिगत साक्षात्कार आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी. मौके पर डीडीसी नागेंद्र कुमार सिन्हा, डीआरडीए निदेशक मुस्तकीम अंसारी, नैप निदेशक नयनतारा केरकेट्टा, डीपीओ अरुण कुमार सिंह, डीएसइ गनौरी मिस्त्री, डीटीओ विजय वर्मा, डीपीआरओ धनबीर लकड़ा, बसिया एसडीएम अमर कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों के बीपीओ, जसे, पंसे, मुखिया आदि उपस्थित थे.
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