????? ? ?????? ?? ?? ??? ???????????

Published at :26 Nov 2015 7:22 PM (IST)
विज्ञापन
????? ? ?????? ?? ?? ??? ???????????

गैराज व गार्डन से चल रहा यूनिवर्सिटी20 दिन गुजर जाने के बाद भी एसकेएमयू में तालाबंदी जारीछात्र संयोजक मंडली अपनी मांगों को लेकर विवि में कर रखी है तालेबंदी संवाददाता, दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विवि का कामकाज इन दिनों गैराज व गार्डन से चल रहा है. जहां विवि के सारे पदाधिकारी और कर्मचारी जुटते हैं […]

विज्ञापन

गैराज व गार्डन से चल रहा यूनिवर्सिटी20 दिन गुजर जाने के बाद भी एसकेएमयू में तालाबंदी जारीछात्र संयोजक मंडली अपनी मांगों को लेकर विवि में कर रखी है तालेबंदी संवाददाता, दुमका सिदो कान्हू मुर्मू विवि का कामकाज इन दिनों गैराज व गार्डन से चल रहा है. जहां विवि के सारे पदाधिकारी और कर्मचारी जुटते हैं और जो भी कार्य इस जगह से संभव हो सके पूरा करते हैं. दरअसल सिदो कान्हू मुरमू विवि के दिग्घी परिसर में छात्र संयोजक मंडली ने 6 नवंबर को ताला जड़ दिया था. पूरे 20 दिन गुजर जाने के बाद भी तालाबंदी जारी है. कामकाज ठप है. दरअसल तालाबंदी करने वाले इस छात्र संयोजक मंडली के सदस्यों का आरोप है कि विवि प्रशासन ने वार्ता के अनुरूप आरक्षण व्यवस्था को लागू नहीं किया और न ही सभी 500 सीटों के लिए एकल मेधा सूची जारी किया. जबकि विवि प्रशासन का कहना है कि नियम परिनियम के आलोक में प्रवेश परीक्षा ली गयी तथा मेधा सूची सभी कॉलेजों के लिए अलग-अलग जारी कर दिया गया. क्योंकि इसके लिए सभी कॉलेज स्वतंत्र है. ऐसे में विरोध तालाबंदी नाजायज है. वीसी, प्रोवीसी ने निइटाई कई संचिकाएं दरअसल कई संचिकाएं जो कुलपति के आवासीय कार्यालय में थी और जो नये पत्र, प्रतिवेदन आदि विभागीय स्तर से मांगी गयी. उन सभी तरह के कामकाज तो आवासीय कार्यालय से किये जा रहे हैं, लेकिन परीक्षा से लेकर विकास के सारे काम प्रभावित हैं. संचिकाएं दग्घिी कैम्पस में रहने की वजह से कामकाज पर बुरा असर पड़ा है. कुलपति आवास में दर्जनों कर्मचारी यूं ही सुबह आते हैं और शाम को चले जाते हैं. बजट पर हो रहा काम नये वित्तीय वर्ष के लिए सिदो कान्हू मुरमू विवि इन दिनों बजट बनाने पर भी काम कर रहा है. ऐसे में लेखा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को इस तालाबंदी से उतनी परेशानी नहीं हो रही है. हां परेशानी इतनी जरूर हुई है कि जो काम उन्हें दिग्घी कैम्पस के कमरे के अंदर करना पड़ता, उसे वीसी साहब के आवास में गैराज के लिए बने शेड में करना पड़ रहा है. हालांकि कर्मचारी कहते हैं काम तो काम है. कहीं भी कर लेंगे. नुकसान तो हो रहा छात्रों का ही विवि प्रशासन का कहना है कि तालाबंदी जिन छात्रों ने की है. उनमें कुछ ऐसे भी छात्र हैं जो बीएड नामांकन के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा में फेल घोषित किये गये हैं. ऐसे छात्र दवाब बनाने के लिए तालाबंदी का आंदोलन कर रहे हैं. तालाबंदी की वजह से हर दिन जहां 20 से 25 पूर्ववर्ती छात्र सर्टिफिकेट पाने के लिए बैरंग लौटने का मजबूर हैं. वहीं परीक्षा से लेकर प्रवेश तक का कामकाज प्रभावित हो गया है. इससे विवि के अधिकारी कर्मचारी नहीं विवि के छात्र ही प्रभावित हो रहे हैं. दिया सशर्त्त तालाबंदी समाप्त करने का प्रस्ताव छात्र संयोजक मंडली की ओर से कुलसचिव को एक पत्र गुरुवार को भेजा गया है. जिसमें सात बिंदुओं पर शर्त के साथ तालाबंदी वापस लेने की बात कही गयी. हालांकि इस मामले में विवि प्रशासन ने कोई रुख स्पष्ट नहीं किया है. छात्रों का कहना है कि अगर ये बीएड कॉलेज स्वतंत्र इकाईयां है तो उन्हें स्वतंत्र रूप से परीक्षा आयोजित करने से लेकर दूसरे मामलों में भी स्वतंत्र किया जाना चाहिए. आय-व्यय के आॅडिट होने तक वेतन पर रोक लगाने, हाई कोर्ट व एनसीटीइ के नियमों का अनुपालन शरू कराने तथा शैक्षणिक कैलेंडर को सार्वजनिक करने की मांग की है. फोटो 26 दुमका 1 से 6 तक ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola