अत्याचार बंद हो, नहीं तो ईंट से ईंट बजा देंगे
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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धनबाद : पोक्सो एक्ट में अधिवक्ता अश्विनी कुमार की गिरफ्तारी की जांच की मांग को लेकर धनबाद के अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया. सुबह सात बजे से धनबाद बार एसोसिएशन के गेट पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे और सभा की. आज झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन-सह-बार काउंसिल […]
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धनबाद : पोक्सो एक्ट में अधिवक्ता अश्विनी कुमार की गिरफ्तारी की जांच की मांग को लेकर धनबाद के अधिवक्ताओं ने सोमवार को भी न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया.
सुबह सात बजे से धनबाद बार एसोसिएशन के गेट पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता पहुंचे और सभा की. आज झारखंड स्टेट बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन-सह-बार काउंसिल के सदस्य राजीव रंजन, बार काउंसिल के नवनिर्वाचित सदस्य मनोज कुमार नंबर 2, प्रशांत कुमार सिंह धनबाद पहुंचे. राजीव रंजन ने कहा कि गढ़वा में अधिवक्ता आशीष दुबे के साथ पुलिस ने मारपीट की तो वहां के प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश एमसी वर्मा ने तुरंत कार्रवाई की. न्यायपालिका पुलिस के साथ मिल कर अधिवक्ताओं का शोषण नहीं कर सकता. यह अधिवक्ताओं की आत्मसम्मान की लड़ाई है. धनबाद के मसले को मंगलवार को हाइकोर्ट में उठाऊंगा. एडवोकेट सत्य की लड़ाई लड़ते हैं. सरकार को किसी इंडिपेंडेंट कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित कर जांच करानी चाहिए. उन्होंने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा, संग्राम बड़ा ही भीषण होगा. जब तक अधिवक्ताओं की मांगे मान नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
बार काउंसिल सदस्य मनोज कुमार नंबर-2 ने कहा पुलिस के अत्याचार के खिलाफ अधिवक्ताओं का यह आंदोलन चंपारण आंदोलन का प्रतीक होगा. पब्लिक सर्वेंट को औकात में रहना होगा. पुरे समाज के लिए वकील आंदोलन कर रहा है.
नवनिर्वाचित स्टेट बार काउंसिल सदस्य प्रशांत कुमार सिंह ने भी प्रशासन के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के मान-सम्मान की रक्षा के लिए सरकार को एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को सदन में लाना चाहिए. क्योंकि पुलिस प्रशासन आज बेलगाम हो गया है. वह अधिवक्ताओं के प्रति लगातार क्रूरता करता जा रहा है.
धनबाद बार अध्यक्ष राधेश्याम गोस्वामी ने कहा कि अधिवक्ता अश्विनी कुमार के साथ की गयी पुलिसिया कार्रवाई काफी निंदनीय है. एसडीएम अनन्य मितल पर अधिवक्ता केके तिवारी के साथ दुर्व्यवहार का मामला उठाते हुए इस पर उन्होंने कड़ी नराजगी जतायी. चेतावनी दी की एसडीएम अपनी आदत में बदलाव लायें, वरना उनके कोर्ट का अनिश्चितकालीन बहिष्कार जारी रहेगा. गोस्वामी ने कहा कि जब भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मुश्किल व घोटाले में फंसते है तो उन्हें भी वकील के पास आना पड़ता है.
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस वाले चेत जाओ, वकीलों पर अत्याचार करना बंद करो वरना ईंट से ईंट बजा देंगे. पांच माह पूर्व अधिवक्ता जावेद पर बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में सरेआम गोली चली परंतु आज तक पुलिस ने अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया. केवल प्राथमिकी दर्ज कर रख लिया. और जब अधिवक्ता अश्विनी पर झूठा आरोप लगा तो पुलिस ने क्रूरता की हद पार करते हुए बिना जांच किए तुरंत गैस कटर से उनके घर का गेट काट कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द पारित करे.
मौके पर अधिवक्ता पीएल वर्णवाल, हरीश जोशी, स्टेट बार के सदस्य प्रयाग महतो, पीयूष तिवारी, दीपनारायण भट्टाचार्य, पीके भट्टाचार्य, अमल महतो, ओम प्रकाश मिश्रा, जितेंद्र कुमार, अंजनी झा, पंकज प्रसाद, अभय भट्ट, सुरेंद्र पांडेय, धनेश्वर महतो, रिंकू कुमार, ब्रजकिशोर, जयदेव कुम्हार, सत्य प्रकाश सिंह, केके विश्वकर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किये.
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