अनुसंधानक की गलती या व्यवस्था में खामी, दो साल बाद हत्याकांड बदला यूडी कांड में

Updated at : 03 Dec 2018 6:49 AM (IST)
विज्ञापन
अनुसंधानक की गलती या व्यवस्था में खामी,  दो साल बाद हत्याकांड बदला यूडी कांड में

देवघर : केस के अनुसंधानक की लेटलतीफी कहें या पुलिसिया व्यवस्था में खामी. यूडी मामला दर्ज होते ही उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा जाता है. इसका एक उदाहरण जब सामने आया तो नगर थाने का एक यूडी कांड दो साल बाद हत्या मामले में तब्दील करना पड़ा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार […]

विज्ञापन
देवघर : केस के अनुसंधानक की लेटलतीफी कहें या पुलिसिया व्यवस्था में खामी. यूडी मामला दर्ज होते ही उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट को पढ़ना भी जरूरी नहीं समझा जाता है. इसका एक उदाहरण जब सामने आया तो नगर थाने का एक यूडी कांड दो साल बाद हत्या मामले में तब्दील करना पड़ा. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यूडी कांड के अनुसंधानक एएसआइ धनंजय कुमार सिंह ने हत्या की यह एफआइआर नगर थाने में दर्ज करायी है. नवंबर 2016 में बावनबीघा कास्टर टाउन तीन नंबर फांड़ी मुहल्ला निवासी राजू साह की 14 वर्षीय पुत्री पिंकी कुमारी की मौत फांसी लगने से हुई थी.
दरवाजे की कुंडी उखाड़कर शव को उतारा गया था : पुलिस ने कमरे के दरवाजे की कुंडी उखाड़कर उसका शव फंदे से उतारा था. मामले में पिता के बयान पर उस वक्त नगर थाने में यूडी कांड संख्या 28/16 दिनांक 04 नवंबर 2016 को दर्ज कराया गया था. मामले के अनुसंधान का जिम्मा उस वक्त नगर थाने में कार्यरत एएसआइ धनंजय कुमार सिंह को दिया गया था.
  • कुंडा थाने के एएसआइ धनंजय कुमार सिंह की शिकायत पर नगर थाने में हत्या की एफआइआर दर्ज
  • पिंकी कुमारी की मौत मामले में पिता तीन नंबर फांड़ी मुहल्ला निवासी राजू साह व मां संजु देवी को बनाया आरोपित
  • एक साल सात महीने बाद छह जून 2018 को आइओ ने पिंकी का पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त किया था सदर अस्पताल से
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गला दबाने से दम घुटने को बताया गया
मृतका पिंकी के शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल के डॉक्टर ने किया था. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पिंकी की मृत्यु का कारण गला दबाने से दम घुटने के कारण होना बताया गया था. कांड के आइओ ने पिंकी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट करीब एक साल सात महीने बाद छह जून 2018 को सदर अस्पताल से प्राप्त की थी.
इधर, 27 नवंबर 2018 को यूडी कांड के आइओ रहे एएसआइ धनंजय ने नगर थाने में लिखित शिकायत दी. उसी आधार पर साजिश के तहत पिंकी की हत्या की एफआइआर नगर थाना कांड संख्या 768/18, बुधवार 28 नवंबर 2018 को दर्ज कर एसआइ गोपी पासवान को अनुसंधान अधिकारी बनाया गया है. एएसआइ धनंजय का कई महीने पूर्व ही नगर थाने से तबादला हो गया था. फिलहाल एएसआइ धनंजय कुंडा थाने में कार्यरत हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola