Weather Forecast Jharkhand : झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, जानिए तापमान में गिरावट का क्या है असर

Updated at : 07 Nov 2020 12:43 PM (IST)
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Weather Forecast Jharkhand : झारखंड में बदला मौसम का मिजाज, जानिए तापमान में गिरावट का क्या है असर

Weather Forecast Jharkhand : रांची : मानसून की वापसी के बाद झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. हवा में नमी के कारण तापमान में गिरावट आयी है. राज्य के करीब सभी जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है. करीब दो हफ्ते से मौसम में बदलाव का असर महसूस किया जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें, तो रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के कारण अगले दो दिनों के अंदर कोहरा व धुंध दिखने लगेगा.

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Weather Forecast Jharkhand : रांची : मानसून की वापसी के बाद झारखंड में मौसम का मिजाज बदल गया है. हवा में नमी के कारण तापमान में गिरावट आयी है. राज्य के करीब सभी जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है. करीब दो हफ्ते से मौसम में बदलाव का असर महसूस किया जा रहा है. मौसम वैज्ञानिकों की मानें, तो रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के कारण अगले दो दिनों के अंदर कोहरा व धुंध दिखने लगेगा.

मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक राजधानी रांची समेत झारखंड के अन्य जिलों में अगले दो दिनों के अंदर कोहरा व धुंध दिखने लगेगा. रात में न्यूनतम तापमान में गिरावट आने के कारण ये बदलाव दिखेगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दो सप्ताह से झारखंड में रांची का न्यूनतम तापमान था. इस बीच अचानक से बोकारो का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास आ गया. मानसून की वापसी के बाद राज्य में मौसम का मिजाज बदला है. हवा में नमी आ गयी है. इससे तापमान में गिरावट आयी है.

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झारखंड के 24 जिलों में एक अक्टूबर से 11 नवंबर तक 23 प्रतिशत डिफिशिएंट वर्षा रिकॉर्ड की गयी है. राज्य में सबसे कम गढ़वा में 74 और दुमका में 68 प्रतिशत तक बारिश हुई है. पलामू में इस मौसम में औसत से 112 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई. एक अक्टूबर से अभी तक डिफिशिएंट वर्षा से किसानों को फसल की बुआई में समस्या आ सकती है.

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बीएयू के मौसम वैज्ञानिक की मानें, तो मिट्टी में नमी की मात्रा कम होने से बीजों के अंकुरण में समय लगेगा. इससे फसल तैयार होने का वक्त बढ़ सकता है. किसानों को बुआई से पहले सलाह दी गयी है कि ऐसे बीज जिसके ऊपर की परत मोटी है, उन्हें रातभर पानी में भींगा कर बुआई करें.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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