जमशेदपुर शर्मसार: आबरू लूटनी चाही विरोध पर गला दबा आंगन में गाड़ा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कपाली में जाफर ने बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया. उसने अपनी बच्ची को खुशी-खुशी बड़ा किया. उंगली पकड़ कर स्कूल जाना सिखाया. पढ़ना सिखाया. लिखना सिखाया. अपने संस्कार दिये. उसके लिये सपने देखे और फिर उसी की इज्जत का प्यासा हो गया. विरोध किया, तो गला दबा कर जान ले ली. जिस बेटी को गोद में लेकर दुलारते थे, उसी को रात के अंधेरे में चुपचाप दफन कर दिया. लेकिन उसके हाथ नहीं कांपे. आसपास के जो भी लोग आते थे, वह यही कहते थे - जाफर हम तुम्हारे कुकर्मों के कारण शर्मिंदा हैं.

जमशेदपुर: दो को मौत के घाट उतार दिया है, अब तेरी भी जान ले लूंगा. तुम अब हमारे किसी काम की नहीं रही. या तो तुम तलाक देकर मुझे छोड़ कर चली जाओ या फिर अंजाम भुगत लेना. बच्ची की मां शाहिन ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद जब वह बार-बार बेटी से मिलने की जिद करने लगी, तो उसके पति जाफर उसे यही कहते हुए धमकी देते थे.

हत्या करने की धमकी मिलने और बेटी के लापता होने के बाद भी शाहिन अपनी बेटी से मिलने की जिद पर अड़ी रही. शाहिन ने बताया कि जब वह बेटी से मिलाने से इनकार करने लगा, तो उसने इसकी सूचना अपने परिवार के लोगों को दी. परिवार के लोग भी उसे बार-बार बच्ची से मिलाने को लेकर दबाव डालने लगे थे. इस बात को लेकर पति-पत्नी में मारपीट होने लगी. लेकिन वह बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं देता था. आठ दिसंबर को फिर से अपनी बेटी से मिलने की बात को लेकर झगड़ा हुआ.

मारपीट के दौरान जाफर ने कहा कि आज की रात वह उसकी हत्या कर देगा. शाहिन ने बताया कि वह अपनी साली के पति सोनू की हत्या भी 14 वर्ष पूर्व करके शव को नदी में फेंक दिया था. सोनू ओल्ड पुरुलिया का रहने वाला था.

शुक्रवार को जब जाफर ने उसे हत्या करने की धमकी दी, तो वह अचानक से भाग कर अपने रिश्तेदार के घर चाईबासा चली गयी. इसके बारे में जाफर को कोई जानकारी नहीं थी कि उसकी पत्नी कहां गयी है. वह दिन में काम से लौटने के बाद अपनी उसे खोजता रहा. घटना की जानकारी मिलने के बाद शाहिन को लेकर रिश्तेदार रविवार की सुबह चाईबासा से सीधे कपाली ओपी पहुंचे और बेटी की लापता और हत्या करने की धमकी के बारे में लिखित शिकायत की. उसने बताया कि वह हाल के कुछ दिनों से तलाक के लिए भी उसे लगातार प्रताड़ित करता था.

बस्ती के लोग बदबू की कर रहे थे शिकायत
कपाली ओपी के प्रभारी लाल बिहारी प्रसाद ने बताया कि दो दिनों से बस्ती के कुछ लोगों ने बदबू आने की शिकायत कर रहे थे. उन लोगों ने पुलिस से शव के बारे में भी संदेह जताया था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने क्षेत्र में दौरा भी किया था, लेकिन पुलिस को गंध के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली थी. कुछ लोगों ने जाफर के घर की ओर भी पुलिस को इशारा किया था, लेकिन घर बंद होने के कारण पुलिस छानबीन नहीं कर पायी था.

दो बेटी और एक बेटा है
शाहिन ने बताया कि उसकी दो बेटी अौर एक बेटा है, जिस बच्ची की हत्या उसके पति ने की है, वह उसकी बड़ी बेटी थी. शाहिन ने बताया कि वह कपाली के एमओ एकादमी स्कूल में पढ़ती थी. बीच में उसके पिता ने बच्ची को स्कूल जाने से भी मना कर दिया था.

हॉस्टल भेजने की बात कहता था
शाहिन ने बताया कि जब भी जाफर से बेटी के बारे में पूछती, वह हॉस्टल में रखने की बात कह देता. दबाव देने पर कहता था कि वह अच्छी पढ़ाई के लिए बेटी को रांची में रखा है. हॉस्टल में फोन पर बच्चियों से महीने में एक ही बार बात हो सकती है. करीब दो महीने तक वह परिवार के सभी लोगों से झूठ बोलता रहा.

चार फीट जमीन के नीचे से निकाला शव
पुलिस ने बताया कि जब जाफर से कड़ाई से पूछताछ की गया तो, प्रारंभ में उसने बच्ची से संबंधित कोई भी जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया. इसके बाद बच्ची की मां और रिश्तेदारों के कहने पर पुलिस ने जाफर पर दबाव बनाया और बल प्रयोग किया, जिसके बाद जाफर ने बच्ची की हत्या करने की बात कबूल की. इसके बाद जाफर ने पुलिस को बताया कि वह शव को दफना दिया है. फिर पुलिस जाफर को लेकर मौके पर पहुंची, जहां चार फीट जमीन के नीचे से बच्ची का शव निकाला गया. उसने बताया कि बच्ची को दफनाने के दौरान वह अकेला ही सब कुछ किया था.

शव को हटाने का किया था प्रयास: जाफर ने पुलिस को बताया कि पत्नी के बिना बताये चले जाने के बाद उसने सोचा था कि शव को निकाल कर कहीं दूसरी जगह ठिकाना लगा देगा. इसको लेकर उसने शनिवार को शव को निकालने का प्रयास भी किया था, लेकिन शव से बदबू आने के कारण वह उसे नहीं निकाल पाया था और फिर से गड्ढ़ा को भर दिया था, लेकिन शव को बाहर निकालने के कारण पूरे क्षेत्र में बदबू फैल गया था. क्षेत्र में बदबू फैलने के आस पास के लोग भी बदबू के बारे में चर्चा करने लगे थे.

आरोपी पिता को मारने का प्रयास
बच्ची की हत्या करने और शव को दफनाने की सूचना मिलने के साथ ही बाबागुंडी बस्ती के कई लोग मौके पर पहुंच गये. लोगों यकीन नहीं हो रहा था कि पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा भी कर सकता है. वहीं पुलिस जब उसे जांच के लिए पकड़ कर लायी, तो कुछ युवकों ने उसे पीटने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस उसे मौके से थाना लेकर आ गयी. इस दौरान बस्ती की कई महिलाओं ने शाहिन से मिलकर उसे हिम्मत देने के लिए उसके घर पर पहुंची.

बात नहीं मानती थी, इसलिए कर दी हत्या : आराेपी पिता. जाफर ने बताया कि बेटी उसकी बात नहीं मानती थी. इस कारण उसे गुस्सा आता था. पढ़ाई करने के दौरान वह लड़कों से बात करती थी, जिसके लिए उसे मना किया था, लेकिन उसके बाद भी वह नहीं मानती थी. बात नहीं मानने पर उसने उसकी गला दबा कर हत्या कर दी. इसके बाद वह घर में रखे कुदाल से पीछे आंगन में गड्ढ़ा खोदा. गड्ढ़ा खोदने के बाद वह शव को दफना दिया था. जाफर हुसैन पेशे से बिल्डर है.

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