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Boys Locker Room के बाद अब Girls Locker Room, शेयर हुईं लड़कों की तरह लड़कियों की भी गंदी बातेें, ट्वीट कर ट्रोल हुईं स्‍वरा

By ArbindKumar Mishra
Updated Date

नयी दिल्‍ली : सोमवार को सोशल मीडिया के टॉप ट्रेंड में Boys Locker Room रहा. इसकी खबर तेजी से फैली और मामला महिला आयोग तक पहुंच गयी. इंस्‍टाग्राम के इस चैट ग्रुप में स्‍कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्‍चे आपस में नाबालिग लड़कियों को लेकर गंदी बात करते थे. खबर सामने आने के बाद सभी ने इसे गंभीर मामला बताया और कार्रवाई की मांग की. लेकिन लड़कों के इस ग्रुप के बाद लड़कियों का भी एक चैट ग्रुप Girls Locker Room सोशल मीडिया के टॉप ट्रेंड पर आ गया है. इधर स्‍वरा भास्‍कर को Boys Locker Room को लेकर ट्वीट करना भारी पड़ गया और उन्‍हें सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ रहा है.

बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर कथित तौर पर लड़कियों के अश्लील चैट के स्‍क्रीन शॉट को शेयर कर रहे हैं और जिस तरह से लड़कों के खिलाफ कार्रवाई हुई, उसी तरह अब लड़कियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जा रही है.

Boys Locker Room के खिलाफ इंस्‍टाग्राम और पुलिस को नोटिस

boys locker room की खबर आने के साथ ही दिल्‍ली महिला आयोग ने संज्ञान लिया और इंस्‍टाग्राम और दिल्‍ली पुलिस को नोटिस भेजा. दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट किया और बताया, इंस्टाग्राम पर "boys locker room" नाम के एक ग्रुप के स्क्रीनशॉट देखे. ये हरकत एक घिनौनी, अपराधी और बलात्कारी मानसिकता का प्रमाण है. मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस और इंस्टाग्राम को नोटिस जारी कर रहे हैं. इस ग्रुप के सभी लड़के अरेस्ट होने चाहिए, एक कड़ा संदेश देने की जरूरत है. हालांकि महिला आयोग की नोटिस के बाद इंटाग्राम ने मंगलवार को Boys Locker Room के सभी आपत्तिजनक चैट्स को हटा दिया.

इस मामले में ट्वीट कर ट्रोल हुईं स्‍वरा भास्‍कर

boys locker room मामले पर स्वरा भास्‍कर ने भी ट्वीट किया, लेकिन उन्‍हें ट्रोलरों का निशाना बनना पड़ा. स्‍वरा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘#boyslockerroom हमें ये कहानी बता रही है कि कैसे कम उम्र में ही लड़कों में जहरीली पुरुषवादी सोच पनपना शुरू होती है. कम उम्र के लड़के खुशी-खुशी प्लान कर रहे हैं कि वो नाबालिग लड़कियों का कैसे यौनशोषण और सामूहिक यौनशोषण करेंगे. परिवार को और टीचर्स को इन बच्चों के साथ उनकी इस सोच के बारे में बातचीत करनी चाहिए. ऐसे जघन्य अपराध को रोकने के लिए सिर्फ दुष्कर्मियों को फांसी पर लटकाना काफी नहीं है। हमें उस सोच पर वार करना होगा जो किसी पुरुष को दुष्कर्मी बनाती है.

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