जनहित से जुड़े काम ठप पड़े

Updated at : 24 Dec 2015 3:52 AM (IST)
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जनहित से जुड़े काम ठप पड़े

हाजीपुर : आपसी विवाद में उलझा जिला पर्षद अपनी परिसंपत्तियों की हिफाजत भी नहीं कर पा रहा. जिले के कई स्थानों पर पर्षद की जमीन पर दबंगों ने कब्जा जमा रखा है. वर्षों से अवैध कब्जे में पड़े अपने भूखंडों को जिला पर्षद इस साल भी मुक्त नहीं करा पाया. कहीं आम के बगीचे, कहीं […]

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हाजीपुर : आपसी विवाद में उलझा जिला पर्षद अपनी परिसंपत्तियों की हिफाजत भी नहीं कर पा रहा. जिले के कई स्थानों पर पर्षद की जमीन पर दबंगों ने कब्जा जमा रखा है. वर्षों से अवैध कब्जे में पड़े अपने भूखंडों को जिला पर्षद इस साल भी मुक्त नहीं करा पाया. कहीं आम के बगीचे, कहीं सड़क तो कहीं खाली जमीन है.

अतिक्रमणकारियों के सामने जिला पर्षद असहाय मालूम पड़ता है. सैरातों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए पर्षद की पिछली बैठकों में चर्चा जरूर होती रही, निर्णय भी लिये गये. लेकिन, इस दिशा में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

इन जगहों पर है अतिक्रमण : जिले के पातेपुर में बरडीहा बस स्टैंड है, जो जिला पर्षद का है. बस स्टैंड के बगल में जमीन का एक बड़ा प्लॉट है, जो पूरी तरह अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है. बिदुपुर बाजार में गांधी चौक के निकट जिला पर्षद का लगभग चार कट्ठे का भूखंड है. व्यावसायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है.
इसी प्रकार सराय बाजार में सूरज चौक के सामने पूरब में एनएच 77 के किनारे जिला पर्षद की जमीन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है. इस जमीन पर बाजाप्ता पक्की दुकानें बना ली गयी हैं. महुआ बाजार में भी पर्षद की कीमती जमीन अवैध कब्जे में पड़ी है. इसके साथ ही जिले के अन्य हिस्सों में जिला पर्षद के कई ऐसे छोटे-बड़े भूखंड हैं, जिन पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है.
शीशम के पेड़ और बगीचे भी सुरक्षित नहीं : जिला पर्षद की जमीन तो दबंगों के निशाने पर है ही, शीशम के पेड़ और आम के बगीचे भी सुरक्षित नहीं है. अनेक स्थानों पर ये पेड़ और बगीचे असामाजिक तत्वों के द्वारा काटे और लूटे जा रहे हैं.
लालगंज प्रखंड के रेपुरा पावर हाउस चौक से सराय जाने वाले मार्ग में प्रबोधी और इसके ईद-गिर्द सड़क के दोनों किनारे शीशम के सैकड़ों पेड़ हैं. ये सारे पेड़ जिला पर्षद के हैं. निगरानी और देखरेख के अभाव में इलाके के अवांछित तत्व इन पेड़ों को काट कर बेच रहे हैं. यही हाल आम के बगीचों का भी है. जिला पर्षद के कई आम के बगीचे उसके नियंत्रण से बाहर हैं. खासकर अक्षयवट नगर स्टेशन से बिदुपुर बाजार के बीच जिला पर्षद के आम के बड़े-बड़े बगीचे हैं. आम के सीजन में इसकी फसल को दबंगों द्वारा लूट ली जाती है.
ठप पड़े हैं जिला पर्षद के सारे काम : विकास योजनाओं को पूरा करने के लिहाज से जिला पर्षद का यह महत्वपूर्ण समय आपसी तकरार में यूं ही बीत रहा है. जिला पर्षद अध्यक्ष और डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के बीच एक माह पूर्व शुरू हुई तकरार के कारण जिला पर्षद में जनहित से जुड़े काम ठप पड़े हैं. रही-सही कसर कर्मियों की हड़ताल ने पूरी कर दी है.
जिला पर्षद के कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 15 वें दिन भी जारी रही. हड़ताल के कारण जिला पर्षद के कार्यालय में वीरानगी छायी हुई है. उधर, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, रोशनी और सड़क जैसी बुनियादी जरूरतों के काम अधर में हैं.
जिला प्रशासन की बेरुखी से हैरान हैं कर्मी : ऐसे समय में, जब वित्तीय वर्ष के महज तीन महीने शेष रह गये हैं और एक-एक दिन महत्वपूर्ण है, जिला पर्षद के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त कराने की कोई पहल नहीं शुरू हुई. हड़ताल के 15 दिन बीत जाने के बावजूद जिलाधिकारी द्वारा भी कोई नोटिस नहीं लिये जाने से कर्मचारियों में नाराजगी देखी गयी.
जिला पर्षद कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अमरनाथ सिंह और सचिव कामेश्वर चौधरी ने इस अनदेखी पर हैरानी प्रकट करते हुए कहा कि डीएम को हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में पहल करनी चाहिए.
क्या कहते हैं अधिकारी
जिला पर्षद अपनी अतिक्रमित जमीन को मुक्त कराने को लेकर गंभीर है. इधर तो डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ओम प्रकाश यादव की मनमानी के कारण पर्षद की कोई बैठक भी नहीं हो पा रही. जब बैठक होगी, तो इस पर विचार किया जायेगा.
जय प्रकाश चौधरी, अध्यक्ष, जिला पर्षद
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