मंत्रोच्चार से माहौल भक्तिमय
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 May 2017 5:35 AM (IST)
विज्ञापन

आस्था. एक मुखी रुद्राक्ष के धारण से मिलता है मनोवांछित फल जगतपुर गांव में आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 महारूद्र यज्ञ व शिव पुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. सुपौल : सदर प्रखंड के जगतपुर गांव में आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 महारूद्र यज्ञ व शिव पुराण कथा में […]
विज्ञापन
आस्था. एक मुखी रुद्राक्ष के धारण से मिलता है मनोवांछित फल
जगतपुर गांव में आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 महारूद्र यज्ञ व शिव पुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है.
सुपौल : सदर प्रखंड के जगतपुर गांव में आयोजित 11 दिवसीय श्री श्री 1008 महारूद्र यज्ञ व शिव पुराण कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. जगतपुर गांव सहित दूर दराज क्षेत्र के भक्तजन यज्ञ स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर भक्तिरस से सराबोर हो रहे हैं. वहीं यज्ञ स्थल पर श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना ना करनी पड़े.
इसे लेकर आयोजन समिति द्वार समुचित व्यवस्था करायी गयी है. बुधवार की सुबह यज्ञ स्थल पर विद्वानों द्वारा किये गये वैदिक मंत्रोच्चार से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय हो गया. पंडित चिरंजीवी झा, आचार्य धर्मेंद्र नाथ मिश्र, पंडित शिवू झा सहित बनारस से आये विद्वानों ने यजमान गोविंद झा, मुन्ना मिश्र, संजय झा, शंकर मिश्र, शशि भूषण झा, नन्हें झा, प्रवीण मिश्र आदि दंपत्तियों को हवन कराया. साथ ही यज्ञ के महात्म्य पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी. इसके उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा मंडप की परिक्रमा व स्थापित विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना की गयी.
जीवन में रुद्राक्ष का रहा है विशेष महत्व
अपराह्न में काशी से आये विद्वान रामानुजाचार्य मारूति किंकर जी महाराज ने बुधवार को प्रवचन में कहा कि शिवलिंग की पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. शिव भक्त गले में रूद्राक्ष की माला ग्रहण करते हैं. लेकिन उक्त रहस्य की जानकारी भी उन्हें अवश्य होनी चाहिये. कहा कि रुद्राक्ष के 14 स्वरूप हैं. जहां हरेक रुद्राक्ष का मानव जीवन में विशेष महत्व रहा है. कहा कि एक मुखी रूद्राक्ष साक्षात शिव स्वरूप है. इसे धारण करने से मनोवांछित फल मिलता है. दो मुखी रूद्राक्ष देवतुल्य हैं, इसे धारण करने से व्यक्ति दीर्घायु होता है. तीन मुखी रूद्राक्ष त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु व महेश का स्वरूप है. इसे धारण करने से अनिष्ठ का नाश होता है. चार मुखी रूद्राक्ष ब्रह्मा का स्वरूप है. इसे धारण करने से स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है. श्री महाराज जी ने कहा कि पांच मुखी रूद्राक्ष से व्यक्ति आरोग्य रहता है. छह मुखी रूद्राक्ष ग्रहण करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है. सात मुखी रूद्राक्ष धारण करने से पौरुष बल की प्राप्ति होती है. आठ मुखी रूद्राक्ष धारण करने से भूत-प्रेत आदि व्याधियों से मुक्ति मिलती है. उन्होंने कहा कि नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करने से शक्ति की प्राप्ति होती है. दस मुखी रूद्राक्ष धारण करने से पोषण क्षमता में वृद्धि होती है. ग्यारह मुखी रूद्राक्ष धारण करने से मनुष्य सदा विजयी प्राप्त करता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










