दीपावली पर चाइनीज सामान का करेंगे बहिष्कार

Updated at :20 Oct 2016 2:46 AM
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दीपावली पर चाइनीज सामान का करेंगे बहिष्कार

पाक को चीन के मिल रहे समर्थन के कारण लोग करेंगे विरोध सुपौल : दीपावली को लेकर जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है. रौशनी व खुशियों के इस त्योहार को लेकर बाजार क्षेत्र सजने लगा है. तरह-तरह की मूर्तियां, सजावट के सामान एवं रंग-बिरंगे बिजली के बल्ब व लड़ियों […]

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पाक को चीन के मिल रहे समर्थन के कारण लोग करेंगे विरोध

सुपौल : दीपावली को लेकर जिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य बाजारों की रौनक बढ़ने लगी है. रौशनी व खुशियों के इस त्योहार को लेकर बाजार क्षेत्र सजने लगा है. तरह-तरह की मूर्तियां, सजावट के सामान एवं रंग-बिरंगे बिजली के बल्ब व लड़ियों से बाजार जगमग करने लगा है. इनमें देसी के साथ -साथ चाइनीज माल भी भरे पड़े हैं. लोगों ने इन सामानों की खरीदारी भी प्रारंभ कर दी है. लेकिन इस बार की दीवाली पूर्व के वर्षों से कई मायनों में भिन्न दिख रहा है. लोगों के पसंद व नापसंद में भी भिन्नता देखी जा रही है. दरअसल इस बार की दीवाली पर देश भक्ति का जज्बा स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है.
यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोगों ने चाइनीज माल के खरीदारी के बहिष्कार का निर्णय लिया है. हाल के दिनों में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी घटनाओं को लेकर लोगों में रोष है. साथ ही पाकिस्तान की ओछी हरकत को समर्थन देने वाले चीन के विरूद्ध भी लोगों में नफरत का माहौल स्पष्ट रूप से दिख रहा है. लोगों का कहना है कि अपनी आतंकी व घटिया करतूतों की वजह से पाकिस्तान विश्व सामाज से अलग-थलग पड़ गया है. लेकिन ऐन वक्त पर चीन इसे समर्थन देकर अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दे रहा है. जिसका सार्वजनिक रूप से विरोध किया जायेगा.
युवाओं में है विशेष रोष
दीपावली पर चाइनीज सामान का बहिष्कार करने वालों में विशेष रूप से युवा वर्ग शामिल हैं. उनका मानना है कि चीन जैसे देश के उत्पादन का बहिष्कार कर उसे सबक सिखाया जा सकता है. युवक सुमन कुमार ने कहा कि चीन शुरू से ही भारत विरोधी देश रहा है. सन‍् 1962 में हुआ युद्ध इसकी मिसाल है. लिहाजा चीन जैसे देश का निश्चित तौर पर बहिष्कार किया जाना चाहिये. गिरीश चंद्र ठाकुर ने चीन की हड़कतों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते कहा कि पाकिस्तान आतंकवादियों का फैक्ट्री बना बैठा है और चीन उसे लगातार समर्थन व सहयोग दे रहा है. यही वजह है कि चीन में बने माल का खुलकर बहिष्कार किया जायेगा.
युवक महेश देव ने भी चीन को खड़ी-खोटी सुनाते हुए चीन ना सिर्फ आतंकियो का समर्थक है. बल्कि उसके द्वारा इन्हें समर्थन भी दिया जा रहा है. जिसे भारतीय युवा कभी बरदास्त नहीं करेंगे. वहीं जयंत मिश्रा ने चीन को धुर्त देश बताते हुए कहा कि उसने धीरे-धीरे भारतीय बाजार पर कब्जा जमा लिया है. बताया कि भारत के द्वारा किये जा रहे निर्यात से छह गुणा अधिक माल भारतीय बाजार में भेजकर मालामाल हो रहा है. चीन के इस दोगली नीति को अब किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा.
मिट्टी के दीप बनाते कुंभकार व बाजार में उपलब्ध चाइनीज झालर.
बाजार में घटी चाइनीज सामान की बिक्री
स्थानीय व्यवसायियों की माने तो हाल के दिनों में देश में हुए आतंकी घटना एवं चीन की हरकतों का असर इस बार दीपावली पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है. बताया कि चाइनीज माल के बिक्री में करीब 30-40 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है. बताया कि चाइनीज माल काफी सस्ता और आकर्षक है. यही वजह है कि यह ग्राहकों को लुभाता है. जबकि भारतीय उत्पादन भले ही थोड़े मंहगे हो लेकिन टिकाउ हैं. इसलिये लोगों की रूची अब भारतीय उत्पादन के प्रति अधिक देखी जा रही है.
मिट्टी के दिये जलाने का निर्णय
बाजार क्षेत्र के कई परिवार व युवाओं ने इस बार चाइनीज माल के बदले भारतीय उत्पादन का मन बनाया है. वहीं दीपावली के पावन अवसर पर भारतीय सभ्यता और संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक रूप से मिट्टी के दिये जलाने का भी निर्णय लिया है. ऐसे लोगों का मानना है कि मिट्टी के दिये ना सिर्फ पर्यावरण के लिये सुरक्षित हैं बल्कि दीपावली जैसे त्योहार के मौके पर इनके उपयोग से कई गरीब परिवारों में भी खुशियां रौशन होती है.
गौरतलब है कि दीपावली के मौके पर इलेक्ट्रोनिक सामान के बढ़ते उपयोग की वजह से मिट्टी के दीप बनाने वाले गरीब कुंभकारों के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो रही है. भारतीय परंपरा व संस्कृति को अक्षुण्ण रख कर इन परिवारों को भी आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है.
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