मवेशी चोरी की घटना से किसान परेशान

Updated at :08 Jul 2016 7:46 AM
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मवेशी चोरी की घटना से किसान परेशान

वीरपुर : थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में मवेशी चोरी की घटना में हुई व्यापक रूप से बढ़ोतरी के बाद पशुपालकों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. मवेशी चोरी की आशंका से जहां पशुपालक रतजगा करने को विवश है. वहीं पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में सक्रिय मवेशी चोरों की कट रही […]

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वीरपुर : थाना क्षेत्र में हाल के दिनों में मवेशी चोरी की घटना में हुई व्यापक रूप से बढ़ोतरी के बाद पशुपालकों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. मवेशी चोरी की आशंका से जहां पशुपालक रतजगा करने को विवश है. वहीं पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में सक्रिय मवेशी चोरों की कट रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि चोरी के बाद यदि पशुपालकों द्वारा चोरी गये मवेशियों को ढूंढ़ लिया जाता है तो मवेशी चोर उक्त पशुपालक से मोटी रकम प्राप्त करने के बाद मवेशी वापस भी कर देते हैं.

हाल के दिनों में कई ऐसी चोरी की घटना घटित हो चुकी है जिसमें पशुपालकों से मोटी रकम लेकर पशुओं को वापस किया गया है.अब सवाल उठता है कि पशुपालक अपने स्तर से चोरी गये पशुओं का पता लगा लेते हैं और रकम दे कर वापस भी ले आ रहे हैं तो पुलिस को चोरी गये पशुओं का सुराग क्यों नहीं मिल पाता है. वीरपुर थाना क्षेत्र का कुछ इलाका एक जमाने से मवेशी चोरों के गढ़ के रूप विख्यात रहा है.इसमें बेरियाकमाल गांव का नाम प्रमुख रूप से शामिल है.

लोगों का मानना है कि बेरियाकमाल के मवेशी चोर पुलिस से अच्छे संबंध रहने के कारण ही चोरी के बाद मवेशी मालिकों से फिरौती की रकम वसूल रहे हैं. इस बाबत पूछने पर इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि मवेशी चोरी से संबंधित एक भी मामला थाना में दर्ज नहीं है.बताया कि चोरी की जानकारी मिलने के बाद तत्परता के साथ कार्रवाई की जायेगी.

पैसा लेकर छोड़ा जाता है मवेशियों को
विगत एक जुलाई को कोशिकापुर गांव निवासी परशुराम गोइत एवं भोला मेहता की चार भैंस की चोरी बेरियाकमाल के चोरों द्वारा कर ली गयी.पशुपालक चोरी गये भैंस की खोज में बेरियाकमाल गांव पहुंच गये.वहां पर उनकी भैंस मिल भी गयी. लेकिन चोरों दोनों पशुपालकों से एक लाख रुपये वसूलने के बाद भैंस को उनके हवाले किया. सोमवार की शाम चोरों से भैंस प्राप्त कर दोनों पशुपालक बलभद्रपुर में पहुंचकर रात गुजारने के बाद मंगलवार की सुबह अपने घर कोशिकापुर पहुंचे.
लोगों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि चोरी के बाद पैसे का भुगतान कर मवेशी पालक यदि अपनी भैंसों को छुड़ा सकते हैं, तो फिर वीरपुर पुलिस को भैंस बरामद करने में क्या परेशानी है.ग्रामीणों आरोप है कि वीरपुर पुलिस की मवेशी चोरों से मिलीभगत है.यही कारण है कि पशुओं की चोरी के बाद पुलिस चुपचाप शांत हो कर बैठी रहती है.
पशुपालक परशुराम गोइत एवं भोला मेहता ने इस बात को कबूल किया कि पैसा देकर मवेशियों को छुड़ाने की परंपरा यहां वर्षों से जारी है.वहीं समाजसेवी देवनारायण खेरवार, सीताराम साह, भागवत प्रसाद आदि वीरपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए पुलिस अधीक्षक से तत्काल थानाध्यक्ष को बदलने का अनुरोध किया है.
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