जश्न में डूबा आरके सिंह का गांव बसबिट्टी

Published at :04 Sep 2017 12:45 PM (IST)
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जश्न में डूबा आरके सिंह का गांव बसबिट्टी

प्रवीण गोविंद सुपौल : मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिलते ही जिला मुख्यालय सहित सांसद राजकुमार सिंह के पैतृक गांव बसबिट्टी जश्न में डूब गया. लोगों ने एक-दूसरे को मुंह मीठा करा व गुलाल लगा कर बधाई देते हुए जश्न मनाया. मौके पर आतिशबाजी भी की गयी. हर कोई इसे देर से मगर दुरुस्त कदम की […]

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प्रवीण गोविंद
सुपौल : मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिलते ही जिला मुख्यालय सहित सांसद राजकुमार सिंह के पैतृक गांव बसबिट्टी जश्न में डूब गया. लोगों ने एक-दूसरे को मुंह मीठा करा व गुलाल लगा कर बधाई देते हुए जश्न मनाया. मौके पर आतिशबाजी भी की गयी. हर कोई इसे देर से मगर दुरुस्त कदम की संज्ञा दे रहे थे. उधर, दिल्ली में राजकुमार शपथ ले रहे थे.
इधर, बसबिट्टी गांव नरेंद्र मोदी जिंदाबाद, आरके सिंह जिंदाबाद से गुंजायमान था. दलगत भावना से ऊपर उठ कर लोग एक-दूसरे को बधाई देते दिखे. बता दें कि केंद्रीय गृह सचिव के रूप में ख्याति पाने वाले सुपौल सदर प्रखंड के बसबिट्टी निवासी आरके सिंह देश के जानदार और शानदार आईएएस माने जाते रहे हैं. गांव के लोगों का मानना है कि अपनी बेहतर प्रशासनिक क्षमता और सांसद के रूप में उत्कृष्ट कार्य करने के कारण ही उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है. यहां यह भी बता दें कि श्री सिंह को ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेवारी मिली है. उन्हें ऊर्जा राज्य मंत्री के रूप में स्वतंत्र प्रभार दिया गया है. फलस्वरूप लोगों की उम्मीदें काफी जग गयी है.
दरअसल नीतीश सरकार के ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी सुपौल विधानसभा क्षेत्र का ही प्रतिनिधित्व करते हैं और वे जिले के मुरली गांव के रहने वाले हैं और यही कारण है कि अब लोग कहने लगे हैं कि सुपौल के दो लाल अब मिल कर करेंगे कमाल.
अब मिलेगा विकास को बढ़ावा : छातापुर के भाजपा विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे व बसबिट्टी निवासी आरके सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने पर बधाई दी है.
विधायक श्री बबलू ने कहा है कि कोसी के पुत्र श्री सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने से बाढ़ग्रस्त व बदहाल कोसी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा. विधायक ने कहा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में अब जाकर बिहार से उचित नेतृत्व को जगह दिया गया है. इससे कोसी क्षेत्र के साथ-साथ पूरे बिहार का उचित विकास हो पायेगा. भाजपा के प्रांतीय नेता सुमन चंद ने कहा है कि मोदी जी ने बिहार का विशेष ध्यान रखा है.
पूर्व में भी उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि हम कोसी को काशी बनाएंगे. बधाई देने वालों में पूर्व सांसद सह पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विश्वमोहन कुमार, जिलाध्यक्ष राम कुमार राय, विजय शंकर चौधरी, बलराम कामत, मनोज पाठक, परमानंद सिंह, सरोज झा, रंजीत मिश्र, सुरेश सुमन, प्रकाश झा, सुमन झा, अरूण कन्हैया, मिथिलेश, भुटन सिंह, मनोज सिंह, रजनीश सिंह, अशोक शर्मा, गोविंद मंडल, प्रभाष मंडल आदि प्रमुख हैं.
स्थानीय लोहिया चौक पर पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष प्रधान, नगर अध्यक्ष महेश देव, पार्टी नेता सुरेश कुमार सुमन, राजधर यादव, मनोहर यादव, राजन ठाकुर, विमलेंदु ठाकुर, विनीत सिंह, आशीष मिश्रा, मिथिलेश यादव, राजेश सिंह, ललित यादव, चंदेश्वरी चौपाल, महादेव मिस्त्री, समीर भारद्वाज आिद मौजूद थे.
सांसद बनने से पहले आरके सिंह की गिनती देश के एक कड़क नौकरशाह के रूप में होती थी. अक्तूबर 1990 की बात है. श्री सिंह उस समय एक आईएएस अधिकारी थे. वे उस समय काफी चर्चा में रहे थे, जब उन्होंने भाजपा दिग्गज लालकृष्ण आडवाणी को गिरफ्तार किया था.
श्री सिंह जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार में केंद्रीय गृह सचिव भी बने थे, उस समय आतंकवाद और नक्सलवाद में कमी आयी थी. हालांकि 2014 के राष्ट्रीय चुनाव से पहले वे ‘कमल फूल’ के हो गये थे और बिहार में आरा लोकसभा से चुनाव जीते थे.
खैर, कई साल बाद बिहार केडर के पूर्व आईएएस अधिकारी 64 वर्षीय श्री सिंह केंद्रीय राज्य मंत्री बने हैं. पहली बार आरा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले श्री सिंह संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग, पेंशन, जन शिकायत और कानून और न्याय संबंधी मामलों की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य भी हैं. यहां यह भी बता दें कि पुलिस आधुनिकीकरण में भी श्री सिंह का बेहतर योगदान रहा है.
बसबिट्टी निवासी इंजीनियर धीरेंद्र कुंवर ने मंत्रिमंडल में शामिल होने पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि राजकुमार बाबू गांव के साथ-साथ बिहार का मान बढ़ाया है. ग्रामीणों ने एक स्वर से बताया कि वे ईमानदार और सादगी पसंद करने वाले नेता हैं. बसबिट्टी के बगल स्थित भजनटोली निवासी रामदेव शर्मा ने कहा कि राजकुमार बाबू जिले के लोगों को काफी पसंद करते हैं. गौरतलब है कि तीन भाई में सबसे छोटे राजकुमार हैं. उन्हें एक पुत्र और पुत्री है. श्री सिंह का ननिहाल मधुबनी जिले के सेमुआर गांव में है.
जबकि ससुराल भोजपुर के गाजियापुर में. श्री सिंह के दादा बाबू विंदेश्वरी सिंह वर्षों पहले अपने ससुराल बसबिट्टी में आकर बस गये. वे मधेपुरा जिला के धबौली से यहां आए थे. प्राथमिक विद्यालय बसबिट्टी में उन्होंने शिक्षा ग्रहण किया जो आज की तारीख में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है. पांचवी के बाद वे पटना चले गये. जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई की.
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